बिहार: हर 3 माह पर होगी DM-SP बैठक
बिहार में हर 3 महीने पर व्यापारियों संग बैठक करेंगे DM-SP; मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा एलान— ‘पॉलिसी में बदलाव चाहिए तो उद्योग मंत्री से मिलें’
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य ‘व्यवसायिक समागम’ का उद्घाटन किया। ‘व्यवसाय, राजनीति और विकास’ थीम पर आधारित इस विशेष समागम में मुख्यमंत्री ने सूबे के उद्यमियों और व्यापारियों को बढ़ावा देने तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई ऐतिहासिक और बड़े एलान किए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक बिहार में इंडस्ट्री (उद्योग) का बड़े पैमाने पर विस्तार नहीं होगा, तब तक राज्य की तस्वीर नहीं बदलेगी।
सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता, अपराधियों पर 24 घंटे में एक्शन
व्यापारियों के बीच सुरक्षा की भावना को मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री ने कड़ा संदेश दिया:
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नियमित समीक्षा बैठक: अब राज्य के सभी जिलों में हर तीन महीने (त्रैमासिक) पर जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) अनिवार्य रूप से स्थानीय व्यवसायियों के साथ बैठक करेंगे और उनकी समस्याओं का मौके पर निस्तारण करेंगे.
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अपराधी का कोई धर्म नहीं: सीएम ने स्पष्ट किया कि बिहार में अब कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा. कहीं भी अपराध होने पर 24 घंटे के भीतर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता, और व्यापारियों की पूर्ण सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है.
“पॉलिसी में बदलाव चाहिए तो उद्योग मंत्री से मिलें, आपके अनुसार बनेंगे नियम”
औद्योगिक निवेश को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को सीधे सरकार से जुड़ने का निमंत्रण दिया:
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पॉलिसी में संशोधन: सीएम ने कहा कि यदि उद्योगपतियों को राज्य की वर्तमान औद्योगिक नीति में किसी भी स्तर पर सुधार या बदलाव की आवश्यकता महसूस होती है, तो वे सीधे उद्योग मंत्री से मुलाकात करें. सरकार उद्यमियों की सहूलियत के अनुसार पॉलिसी में बदलाव करने के लिए तैयार है.
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इन्वेस्टमेंट पैकेज-2025: उन्होंने बताया कि ‘बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025’ में यदि जरूरत पड़ी, तो उद्यमियों के हित में और भी व्यापक संशोधन किए जाएंगे. इसके साथ ही पुराने शहरों या पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र में उपलब्ध भूमि पर अब बिज़नेस का नेचर (स्वरूप) बदला जा सकेगा, जिससे वहां सर्विस सेक्टर, आईटी (IT) और होटल उद्योग का संचालन हो सके.
30 दिन में काम नहीं हुआ तो अफसर होंगे सस्पेंड; 1100 हेल्पलाइन शुरू
भ्रष्टाचार और लालफीताशाही पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े लहजे में चेतावनी दी:
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सहयोग शिविर: प्रखंड, थाना और अंचल स्तर पर आम जनता और व्यापारियों के लिए ‘सहयोग शिविर’ की शुरुआत की गई है. इसके लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 1100 भी जारी किया गया है.
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स्वतः निलंबन का नियम: यदि किसी भी व्यापारिक या जनहित के आवेदन का निष्पादन (निस्तारण) 30 दिनों के भीतर नहीं किया गया, तो संबंधित विभाग के पदाधिकारी को बिना किसी स्पष्टीकरण के स्वतः निलंबित (Auto-Suspended) कर दिया जाएगा.
इंफ्रास्ट्रक्चर का महाजाल: 126 किमी लंबा मरीन ड्राइव और 6 लाख करोड़ का निवेश
बिहार के चौतरफा विकास और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए चल रहे बड़े प्रोजेक्ट्स की प्रगति भी साझा की गई:
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मरीन ड्राइव व 5 नए पुल: अगले तीन वर्षों के भीतर गंगा और सोन नदी के किनारे 126 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव बनकर तैयार होगा. उत्तर और दक्षिण बिहार को आपस में जोड़ने के लिए 5 नए मेगा सेतु बनाए जा रहे हैं, जिसमें से राघोपुर ब्रिज अगले महीने से जनता के लिए शुरू हो जाएगा. सोन नदी पर बराज का निर्माण भी किया जाएगा ताकि दक्षिण बिहार में सूखे की समस्या से निपटा जा सके.
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जमीन अधिग्रहण व भारी निवेश: बिहार के लैंडलॉक्ड (चारों तरफ जमीन से घिरे) राज्य होने की समस्या को दूर करने के लिए साल 2024 से अब तक 14,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है. इसके अतिरिक्त, 6.5 लाख एकड़ क्षेत्र पर नई ‘ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप’ विकसित की जाएगी, जिसके माध्यम से राज्य में 6 लाख करोड़ रुपये का भारी निवेश आएगा. ग्रामीण इलाकों के किसानों को उनकी अधिग्रहित जमीन के बदले चार गुना अधिक मुआवजा दिया जा रहा है.
534 प्रखंडों मेंों मॉडल स्कूल और बिहार की अपनी IPL टीम की मांग
शिक्षा और खेल के क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री ने अपनी भावी योजनाओं को सामने रखा:
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मॉडल स्कूल: बिहार के सभी 534 प्रखंडों (ब्लॉक) में आधुनिक मॉडल स्कूल खोले जाएंगे. इसके तहत राजधानी पटना में 10 और प्रत्येक जिला मुख्यालय में 5-5 मॉडल स्कूल स्थापित होंगे.
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आईपीएल टीम: बिहार के खेल प्रेमियों और युवाओं की मांग को देखते हुए सीएम ने कहा कि वे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से विशेष आग्रह करेंगे कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में बिहार राज्य की भी अपनी एक स्वतंत्र टीम शामिल की जाए.
समागम के दौरान बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष पी.के. अग्रवाल ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया. कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने वहां बने कौशल विकास केंद्र का मुआयना किया और प्रशिक्षण ले रही महिलाओं से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया.
(पटना – पीयूष कुमार प्रियदर्शी)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

पटना: आयुर्वेद सम्मेलन का स्थापना दिवस!
