लापरवाह सरकार, लक्ष्मी नगर बेहाल

लक्ष्मी नगर: ‘लैंड माफिया’ के आगे दिल्ली सरकार पस्त, जनता बेहाल!

पूर्वी दिल्ली (लक्ष्मी नगर): चुनाव के वक्त जनता के सामने बड़े-बड़े दावे करने वाली दिल्ली सरकार सत्ता मिलते ही किस कदर लापरवाह हो जाती है, इसका जीता-जागता उदाहरण लक्ष्मी नगर में देखने को मिल रहा है। सुभाष चौक स्थित B-28 मौर्या कॉम्प्लेक्स का मामला अब केवल ‘अवैध निर्माण’ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह दिल्ली सरकार और प्रशासन की घोर अनदेखी का प्रतीक बन चुका है। पीड़ित द्वारा दिल्ली सरकार को बकायदा ट्वीट और शिकायत पत्र भेजने के बाद भी वहां से कोई जवाब न आना यह साफ करता है कि जमीन पर रेंगती जनता की समस्याओं से ज्यादा, हुक्मरानों को सत्ता के मजे लेने में दिलचस्पी है।

ट्वीट और शिकायतें डस्टबिन में, ‘हॉस्टल माफिया’ मौज में

भवन की चौथी और पांचवीं मंजिल पर ‘शर्मा हॉस्टल’ द्वारा किया गया अवैध निर्माण दिल्ली नगर निगम (MCD) के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहा है। हद तो तब हो गई जब इस अवैध कब्जे के कारण केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना’ भी ठप पड़ गई। ‘ऑलराइट्स मैगजीन’ के संचालक गोपाल चंद्र अग्रवाल ने बताया कि छत पर जाने वाले रास्ते पर माफिया का कब्जा है, जिससे वे सोलर पैनल नहीं लगवा पा रहे हैं। इस मामले में दिल्ली सरकार को ट्वीट कर शिकायत भी भेजी गई, लेकिन सरकार ने अपनी आंखें और कान दोनों बंद कर रखे हैं।

छोले-कुलचे के ठेले और पार्किंग का ‘खेलरचना’

कॉम्प्लेक्स की स्थिति यह है कि आम जनता और व्यापारियों का यहां से निकलना दूभर हो चुका है। एक तरफ अवैध पार्किंग का साम्राज्य है, तो दूसरी तरफ छोले-कुलचे के ठेले वालों ने मुख्य रास्ते को घेर रखा है। 26 साल से ईमानदारी से टैक्स भरने वाले नागरिक आज अपनी ही संपत्ति के हक के लिए सरकारी दफ्तरों और सोशल मीडिया पर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सरकार और MCD इस कदर मौन हैं मानो उन्हें इस अव्यवस्था से कोई सरोकार ही न हो।

मुख्य बिंदु जो खोलते हैं पोल:

  • लापरवाह दिल्ली सरकार: ट्वीट और लिखित शिकायत के बाद भी सरकार की तरफ से कोई रिस्पॉन्स न आना।

  • अवैध फ्लोर्स का जाल: बिना किसी पास नक्शे के 4th और 5th फ्लोर तान दिए गए।

  • रास्ता पूरी तरह जाम: छत से लेकर मुख्य गली तक आम लोगों की आवाजाही बंद।

  • ईमानदार बनाम माफिया: टैक्सपेयर परेशान है और अवैध कब्जा करने वाले बेखौफ।

अब RTI से खुलेगी पोल, मांगी जाएगी अफसरों की कुंडली

दिल्ली सरकार के ठंडे रवैये और MCD की चुप्पी को देखते हुए अब मैगजीन संचालक आर-पार के मूड में हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि सरकार को भेजे गए ट्वीट और शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई, इसके लिए अब सीधे RTI (सूचना का अधिकार) दाखिल किया जा रहा है। इस RTI के जरिए न सिर्फ अवैध निर्माण को शह देने वाले भ्रष्ट अधिकारियों के नाम बेनकाब किए जाएंगे, बल्कि यह भी पूछा जाएगा कि 26 साल से टैक्स देने वाले नागरिक की शिकायत को ठंडे बस्ते में क्यों डाला गया। सरकार चाहे जितनी आंखें मूंद ले, लेकिन RTI की चोट से इस मिलीभगत का सच बाहर आकर रहेगा।


गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

(Allrights Magazine)


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