बिहार में 10 तारीख तक मिलेगी पेंशन

बिहार: 10 तारीख तक हर हाल में पहुंचे पेंशन, आंगनबाड़ी की होगी टेक्नोलॉजी से निगरानी – सीएम सम्राट चौधरी

(पटना): बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पटना स्थित लोक सेवक आवास के संकल्प सभागार में समाज कल्याण विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए साफ किया कि जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन और आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था को लेकर कई बड़े फैसले सुनाए।

पेंशन भुगतान में लापरवाही नहीं, 10 तारीख है डेडलाइन

मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक माह की 10 तारीख तक सभी लाभार्थियों के बैंक खातों में पेंशन की राशि का भुगतान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को दी जाने वाली पेंशन में किसी भी प्रकार की देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

तकनीक से सुधरेंगे आंगनबाड़ी केंद्र: सीएम

आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री ने तीन सूत्रीय फॉर्मूले पर काम करने का निर्देश दिया:

  1. तकनीकी निगरानी: आंगनबाड़ी केंद्रों पर दी जाने वाली सभी सेवाओं और पोषाहार वितरण की तकनीक (Technology) के माध्यम से गहन निगरानी की जाएगी।

  2. 100% उपस्थिति: केंद्रों पर सेविका, सहायिका के साथ-साथ शत-प्रतिशत लक्षित बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

  3. CSR से सहयोग: आंगनबाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे को बेहतर और आकर्षक बनाने के लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से निजी कंपनियों के सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।

सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, “आंगनबाड़ी केंद्र जितना अच्छा बनेगा, हमारे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास उतना ही बेहतर होगा।”

कुपोषण को खत्म करना सर्वोच्च प्राथमिकता

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बिहार में स्टंटिंग (नाटापन) एवं वेस्टिंग (कमजोरी/अल्पपोषण) के आंकड़ों में तेजी से सुधार करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए बच्चों को दिए जाने वाले पोषाहार की गुणवत्ता की नियमित जांच होगी।

बढ़ेगा ‘परवरिश योजना’ का दायरा, भरे जाएंगे रिक्त पद

गरीब और अनाथ बच्चों के लिए चलाई जा रही ‘परवरिश योजना’ सहित अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं का दायरा बढ़ाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इसका लाभ मिल सके। योजनाओं के तहत दी जाने वाली वित्तीय सहायता को बढ़ाने के लिए सरकार जल्द ही पुनः समीक्षा करेगी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग में लंबे समय से खाली पड़े रिक्त पदों को भी शीघ्र भरने की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में यह रहे मौजूद

बैठक की शुरुआत में विभाग के अपर मुख्य सचिव एच०आर० श्रीनिवास ने समेकित बाल विकास सेवाओं (ICDS), सामाजिक सुरक्षा निदेशालय और महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा चलाए जा रहे कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Presentation) दिया।

इस उच्चस्तरीय बैठक में समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार और सामाजिक सुरक्षा निदेशक धर्मेन्द्र कुमार समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


रिपोर्ट: पीयूष कुमार प्रियदर्शी

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

(Allrights Magazine)


 

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