बरेली में 4 जून को इज्तिमाई निकाह
सर्वधर्म समभाव की मिसाल: बरेली में 4 जून को होगा भव्य इज्तिमाई निकाह समारोह, सभी धर्मों के धर्मगुरु रहेंगे मौजूद
रिपोर्ट: विशेष ब्यूरो (बरेली)
(बरेली): उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और जरूरतमंद परिवारों की सहायता के उद्देश्य से एक बेहद सराहनीय पहल होने जा रही है। ‘खानकाहे वामिकिया अशरफिया बरेली शरीफ’ के तत्वावधान में आगामी 4 जून 2026 को एक भव्य इज्तिमाई निकाह (सामूहिक विवाह) समारोह का आयोजन किया जाएगा।
यह आयोजन इसलिए भी विशेष है क्योंकि खानकाह की मसनदे सज्जादगी पर फाइज़ होने के बाद बद्रे तरीकत हजरत सैय्यद असलम मियां वामिकी जीलानी अशरफी साहब की सरपरस्ती में यह पहली बार आयोजित हो रहा है।
ताज पैलेस में शरीयत के अनुसार निकाह
आयोजन समिति से मिली जानकारी के अनुसार, यह सामूहिक विवाह समारोह गुरुवार शाम 4 बजे ताज पैलेस (मालियों की पुलिया, बरेली) में आयोजित होगा। इस दौरान कई जरूरतमंद जोड़ों का निकाह पूरी सादगी के साथ इस्लामी परंपराओं और शरीयत के अनुसार संपन्न कराया जाएगा। निकाह के बाद नव दंपतियों को दाम्पत्य जीवन में प्रवेश के लिए विभिन्न वर्गों के लोगों द्वारा उपहार, शुभकामनाएं और आशीर्वाद प्रदान किए जाएंगे।
सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश
इस इज्तिमाई निकाह समारोह की सबसे बड़ी खासियत इसकी सर्वधर्म समभाव वाली सोच है। इस कार्यक्रम में न केवल मुस्लिम समाज के उलेमा, मशाइख और सूफी संत शिरकत करेंगे, बल्कि उनके साथ-साथ विभिन्न धर्मों और संप्रदायों के धर्मगुरु, प्रमुख समाजसेवी, बुद्धिजीवी और गणमान्य नागरिक भी मंच साझा करेंगे।
आयोजकों का मुख्य उद्देश्य इस भव्य मंच के जरिए समाज में फैली कड़वाहट को दूर कर सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और आपसी भाईचारे का एक मजबूत संदेश देना है।
संस्था ने की शहरवासियों से शामिल होने की अपील
‘वामिकिया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी’ के सहयोग से संपन्न होने जा रहे इस कार्यक्रम को लेकर खानकाह के पदाधिकारियों में खासा उत्साह है। संस्था के पदाधिकारियों ने बरेली के तमाम शहरवासियों से अपील की है कि वे इस पवित्र और सामाजिक एकता के प्रयास में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों। वे कार्यक्रम में पहुंचकर नवविवाहित जोड़ों को अपना आशीर्वाद दें और इस नेक पहल को सफल बनाएं।
धार्मिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टिकोण से इस आयोजन को बरेली में सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा देने और आपसी सद्भाव का ताना-बाना मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
बरेली से अमरजीत की रिपोर्ट
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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