संसद मॉनसून सत्र 2026 के मुख्य बिल

संसद का मॉनसून सत्र: कौन-कौन से बिल ला सकती है मोदी सरकार?

राजनीतिक एवं विधायी ब्यूरो: नई दिल्ली

आगामी 20 जुलाई 2026 से देश की संसद का बेहद गर्मागर्म रहने वाला मॉनसून सत्र शुरू होने जा रहा है, जो 13 अगस्त 2026 तक चलने की संभावना है। इस सत्र के दौरान मोदी सरकार कई महत्वपूर्ण और दूरगामी असर वाले नए विधेयक (Bills) संसद के पटल पर पेश करने की तैयारी में है। सरकार द्वारा सूचीबद्ध की गई कार्यसूची में कई ऐसे संशोधन शामिल हैं, जिन पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।

सरकार द्वारा सूचीबद्ध किए गए 5 नए प्रमुख विधेयक

समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) के अनुसार, केंद्र सरकार इस मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा में पांच प्रमुख नए बिल पेश करने पर गंभीरता से विचार कर रही है:

  1. इनकम-टैक्स (संशोधन) बिल, 2026: यह बिल हाल ही में लाए गए एक टैक्स संबंधी सरकारी अध्यादेश (Ordinance) की जगह लेगा।

  2. सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन बिल, 2026: शीर्ष अदालत में जजों की संख्या में बदलाव से जुड़े अध्यादेश को स्थायी कानून में बदलने के लिए इसे लाया जा रहा है।

  3. जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल, 2026: देश में जन्म-मृत्यु के डिजिटल और प्रशासनिक पंजीकरण को अधिक पारदर्शी व सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से।

  4. राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) बिल, 2026: इस विधेयक के तहत देश के राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के अपमान को पूरी तरह से एक दंडनीय और गैर-जमानती अपराध बनाने का विशेष प्रावधान शामिल है।

  5. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) बिल, 2026: MSME क्षेत्र को बढ़ावा देने और नियमों को सरल बनाने के लिए।

महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर सस्पेंस

राजनीतिक गलियारों में यह भी पुरजोर चर्चा है कि सरकार देश में नए सिरे से परिसीमन (Delimitation) और आगामी 2029 के आम चुनाव से ही लोकसभा व सभी राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण अनिवार्य रूप से लागू करने वाला ऐतिहासिक विधेयक फिर से संसद में ला सकती है।

पृष्ठभूमि: पिछले संसदीय सत्र में एकजुट विपक्ष ने इस बिल को गिरा दिया था। हालांकि, इस बार भी लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी शुरुआती आधिकारिक सूची में इस बिल का कोई सीधा ज़िक्र नहीं है, जिससे सस्पेंस बरकरार है।

विपक्ष की चक्रव्यूह रचना: 19 जुलाई को महाबैठक

सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और अन्य सहयोगी दल पूरी ताकत से तैयारी कर रहे हैं:

  • सर्वदलीय और विपक्षी बैठक: संसद सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले 19 जुलाई को सभी प्रमुख विपक्षी दलों की एक साझा रणनीति बैठक बुलाई गई है।

  • सोनिया गांधी के आवास पर मंथन: गुरुवार को कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की एक उच्च स्तरीय बैठक सोनिया गांधी के आवास पर संपन्न हुई। इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, वरिष्ठ नेता शशि थरूर और जयराम रमेश सहित कई दिग्गज शामिल हुए।

  • खड़गे का पीएम को पत्र: मल्लिकार्जुन खड़गे ने 131वें संविधान संशोधन विधेयक (परिसीमन से जुड़े बिल) को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है, जिसमें सरकार के संशोधित प्रस्तावों पर चर्चा के लिए तत्काल एक औपचारिक सर्वदलीय बैठक (All-party Meeting) बुलाने की मांग की गई है।

इन मुद्दों पर सदन में मचेगा घमासान

विपक्ष ने सरकार को चौतरफा घेरने के लिए कुछ बेहद संवेदनशील मुद्दों को शॉर्टलिस्ट किया है, जिन्हें शून्यकाल और बहस के दौरान प्रमुखता से उठाया जाएगा:

  • राम मंदिर चढ़ावा चोरी का कथित मुद्दा।

  • पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण (Ethanol Blending) की नीतियों पर सवाल।

  • सरकार द्वारा लाए जा रहे विभिन्न अध्यादेशों और संशोधनों का सदन के भीतर कड़ा विरोध।


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