शेखपुरा में नीति आयोग की समीक्षा बैठक

शेखपुरा: नीति आयोग की बैठक में डीएम शेखर आनंद के सख्त निर्देश; बोले- योजनाएं कागजों पर नहीं, धरातल पर दिखनी चाहिए

 जिला पदाधिकारी (डीएम) शेखर आनंद की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में नीति आयोग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। आकांक्षी जिला कार्यक्रम (Aspirational Districts Programme) के तहत शेखपुरासराय प्रखंड सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में चल रही महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। डीएम ने सुस्त रफ्तार वाली परियोजनाओं पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और समय-सीमा के भीतर परिणाम देने का सख्त निर्देश दिया।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर फोकस: सुदूर गांवों तक मजबूत होंगे डिलीवरी पॉइंट्स

ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसव और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए डीएम ने कड़े कदम उठाने को कहा:

  • 6 डिलीवरी पॉइंट्स: जिले के 3 चिन्हित प्रखंडों में मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए 6 प्रसव केंद्रों (Delivery Points) को सभी आवश्यक जीवन रक्षक उपकरणों और स्टाफ के साथ मजबूत करने का आदेश दिया गया।

  • पानापुर उप स्वास्थ्य केंद्र: स्वास्थ्य उप-केंद्रों के नए भवन निर्माण और पुराने ढांचों के जीर्णोद्धार कार्य में लेती-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पानापुर उप स्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण को तय समयसीमा के भीतर हर हाल में पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है।

  • दीदी की रसोई: बरबीघा रेफरल अस्पताल में मरीजों को पौष्टिक भोजन देने के लिए शुरू होने वाली ‘दीदी की रसोई’ के भवन की छत ढलाई का कार्य पूरा हो चुका है और वर्तमान में प्लास्टर व फिनिशिंग का काम युद्धस्तर पर जारी है।

शिक्षा को मिलेगा डिजिटल बूस्ट: हाई-टेक क्लासरूम और ई-लाइब्रेरी

जिले के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने और बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए नीति आयोग के तहत कई अभिनव प्रयोग किए जा रहे हैं:

  • मॉडल स्कूल और लर्निंग हब: ‘प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग’ (Project Based Learning) पद्धति के जरिए प्राथमिक विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है। इसके तहत जिले के 84 चयनित स्कूलों में विशेष ‘लर्निंग हब’ विकसित किए जा रहे हैं।

  • ई-लाइब्रेरी और डिजिटल रूम: छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जिले में हाई-टेक इंटरएक्टिव क्लासरूम (Interactive Classrooms) तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही हर प्रखंड में अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी-कम-ईबुक सेंटर (e-Library-cum-eBook Center) की स्थापना की जाएगी।

  • शिक्षा और स्वास्थ्य आंगन: बुनियादी शिक्षा और पोषण को एक साथ सुचारू करने के लिए ‘शिक्षा और स्वास्थ्य आंगन’ परियोजना के क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।

महिलाओं के लिए रोजगार के द्वार: आत्मनिर्भर बनेंगी जीविका दीदियां

महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए जीविका दीदियों के कौशल विकास और स्वरोजगार पर केंद्रित योजनाओं की समीक्षा की गई:

  • दीदी की कैफे: समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) परिसर में जीविका दीदियों द्वारा संचालित होने वाला आधुनिक ‘दीदी की कैफे’ बनकर पूरी तरह तैयार है, जिसका जल्द ही उद्घाटन किया जाएगा।

  • अगरबत्ती और वस्त्र निर्माण: ग्रामीण महिलाओं को घर के पास रोजगार देने के लिए अगरबत्ती उत्पादन इकाई का सिविल कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। इसके अलावा जिले में वस्त्र निर्माण व प्रशिक्षण केंद्र का भी बड़े पैमाने पर विस्तार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

आंगनबाड़ी का कायाकल्प और साइबर सुरक्षा कार्यशाला

  • ‘मेड इन इंडिया’ खिलौने: अनुसूचित जाति (SC) बहुल प्रखंडों में समेकित बाल विकास योजना (ICDS) को और मजबूत किया जाएगा। नौनिहालों के मानसिक विकास के लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘मेड इन इंडिया’ सुरक्षित खिलौनों की खरीद प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और इस संबंध में आंगनबाड़ी सेविकाओं का विशेष प्रशिक्षण भी संपन्न हो चुका है।

  • साइबर फ्रॉड से आजादी: बदलते डिजिटल दौर में ग्रामीण युवाओं और नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए जिले के सभी 6 प्रखंडों में “Azadi from CYBER SCAM” नामक एक व्यापक जागरूकता कार्यशाला व अभियान आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की गई है।

डीएम शेखर आनंद ने दो टूक शब्दों में कहा कि नीति आयोग की इन योजनाओं का सीधा उद्देश्य स्वास्थ्य-शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार लाना और ग्रामीण महिलाओं व युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। जिला प्रशासन इन सभी कार्यों की थर्ड पार्टी और सघन मॉनिटरिंग (Strict Monitoring) कर रहा है, लापरवाही मिलने पर संबंधित कार्यपालक अभियंता या नोडल अधिकारी पर सीधी कार्रवाई होगी।

बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC), सिविल सर्जन, नीति आयोग के जिला नोडल पदाधिकारी, भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता समेत सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद थे।


(शेखपुरा – उमेश कुमार)

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

(Allrights Magazine)


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