बरेली में गर्मी का प्रकोप और लू अलर्ट
बरेली में मौसम का सितम: एक हफ्ते में 6 डिग्री बढ़ा पारा; मौसम विभाग का हीट वेव अलर्ट, डायरिया-बुखार से तपने लगे नौनिहाल
(बरेली): उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में हाल ही में हुई प्री-मानसून बारिश के बाद आसमान साफ होते ही सूर्य देव ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। जिले में उमस भरी भीषण गर्मी ने अपना प्रचंड रूप अख्तियार कर लिया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बरेली में पिछले महज एक सप्ताह के भीतर अधिकतम तापमान में छह डिग्री सेल्सियस (6°C) की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस अचानक बढ़े तापमान और भीषण लू (Heatwave) के थपेड़ों के कारण सबसे ज्यादा नौनिहाल (बच्चे) मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
पारा पहुंचेगा 45 डिग्री के पार; चलेगी पश्चिमी गर्म हवा
मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पिछले दिनों हुई छिटपुट बारिश के कारण वातावरण और हवा में नमी (Humidity) की मात्रा काफी बढ़ गई थी। अब आसमान साफ होने और तेज कड़क धूप निकलने के कारण यही नमी भारी उमस में तब्दील हो गई है।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान:
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मौसम विभाग ने बरेली और आसपास के इलाकों के लिए हीट वेव (लू) का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
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आने वाले दिनों में शुष्क और गर्म पश्चिमी हवाएं सक्रिय होंगी, जिससे वातावरण की तपिश और अधिक बढ़ जाएगी।
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अनुमान जताया गया है कि आगामी दिनों में जिले का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
जिला अस्पताल का बच्चा वार्ड फुल; डायरिया और डिहाइड्रेशन का हमला
इस जानलेवा गर्मी और उमस का सबसे सीधा व जानलेवा असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। बरेली जिला अस्पताल की ओपीडी (OPD) से लेकर पीडियाट्रिक वार्डों तक बीमार बच्चों और उनके परिजनों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
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बेड हुए फुल: जिला अस्पताल के कुल 30 बेड की क्षमता वाले विशेष बच्चा वार्ड में मंगलवार को 28 बच्चे गंभीर हालत में भर्ती थे। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों से रोजाना उल्टी-दस्त और तेज बुखार से पीड़ित बच्चे यहाँ लाए जा रहे हैं।
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ: जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मेंद्र ने बताया कि मौसम में अचानक आए इस बदलाव को बच्चे सहन नहीं कर पा रहे हैं। इन दिनों अस्पताल आने वाले अधिकांश बच्चे गंभीर डायरिया, गैस्ट्रोएंटेराइटिस, उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की भारी कमी) से ग्रसित हैं।
डॉक्टर की विशेष सलाह (नौनिहालों को कैसे बचाएं?):
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बच्चों को दोपहर के वक्त (सुबह 11 से शाम 4 बजे तक) सीधी धूप और गर्म हवाओं के संपर्क में आने से बचाएं और घरों के अंदर ही रखें।
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बच्चों को बासी या बाहर का खुला भोजन बिल्कुल न दें; केवल ताजा पका हुआ सुपाच्य खाना ही खिलाएं।
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पीने के पानी को हमेशा उबालकर और ठंडा करके ही इस्तेमाल में लाएं।
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बच्चे में सुस्ती, उल्टी या दस्त के लक्षण दिखते ही तुरंत ओआरएस (ORS) का घोल, नींबू-पानी या नारियल पानी देना शुरू करें और नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।
दोपहर में सूनी हो रहीं शहर की सड़कें और बाजार
भीषण गर्मी और सूरज की तपिश का असर बुधवार को दोपहर के समय बरेली की सड़कों पर साफ देखने को मिला। अमूमन हर वक्त भारी भीड़ और ट्रैफिक से गुलजार रहने वाले शहर के मुख्य चौक-चौराहे और प्रमुख बाजार दोपहर 12 बजे के बाद पूरी तरह सूने और वीरान नजर आए। लोग केवल बहुत जरूरी काम होने पर ही सूती कपड़ों से अपना पूरा चेहरा और सिर ढककर घरों से बाहर निकलते दिखाई दिए।
बरेली: से अमरजीत
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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