मीरजापुर: ₹1.10 करोड़ का गांजा जब्त
₹1.10 करोड़ के अवैध गांजे के साथ अंतstate तस्कर गिरफ्तार, STF उ०प्र० की बड़ी कार्रवाई
मीरजापुर/लखनऊ: उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (STF) को अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ की फील्ड इकाई (प्रयागराज) ने मीरजापुर पुलिस के सहयोग से एक सक्रिय तस्कर को गिरफ्तार कर उसके पास से भारी मात्रा में अवैध गांजा और परिवहन में इस्तेमाल की जा रही एक डीसीएम गाड़ी बरामद की है।
गिरफ्तारी और बरामदगी का विवरण
यह कार्रवाई 25 जून 2026 को रात करीब 08:30 बजे मीरजापुर के थाना क्षेत्र मड़िहान अंतर्गत पचोखरा कासोपुर तिराहा के पास एक निर्माणाधीन पेट्रोल पंप के सामने की गई।
बरामद की गई सामग्री:
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439 किलोग्राम गांजा: इसका अंतरराष्ट्रीय अनुमानित मूल्य लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपये आंका गया है।
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01 कैंटर डीसीएम: (टाटा यू०पी० 72 एटी 5969), जिसका उपयोग गांजे की तस्करी के लिए किया जा रहा था।
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अन्य वस्तुएं: 01 मोबाइल फोन और 1,030 रुपये नकद।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान
पकड़े गए तस्कर की पहचान अमरजीत यादव उर्फ पहलवान (पुत्र परमेश्वर यादव) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से ग्राम जबरैला, थाना हरपुर बुदहट, जनपद गोरखपुर का निवासी है। वर्तमान में वह मध्य प्रदेश के गुना जनपद के धरनावदा थाना क्षेत्र के रूठियाई (वार्ड नं0 22 महुआपुर नरोनी) में रह रहा था।
ऐसे जाल बिछाकर दबोचा गया तस्कर
एसटीएफ प्रयागराज इकाई के पुलिस उपाधीक्षक श्री शैलेश प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण और निरीक्षक श्री जय प्रकाश राय के नेतृत्व में टीम को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि उड़ीसा के रायगढ़ से एक डीसीएम गाड़ी में गांजा लोड कर सोनभद्र के रास्ते मीरजापुर की ओर लाया जा रहा है।
सूचना के आधार पर मड़िहान के पुलिस उपाधीक्षक मो० फहीम कुरैशी की मौजूदगी में उपनिरीक्षक श्री रणेन्द्र कुमार सिंह और उनकी टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध डीसीएम को रोका। जब गाड़ी की तलाशी ली गई, तो पाया कि प्लास्टिक के खाली कैरेट की आड़ में बोरियों में भरकर भारी मात्रा में गांजा छिपाया गया था। पुलिस ने मौके से ही अमरजीत यादव को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में हुआ अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा
अभियुक्त अमरजीत ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह एक बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है। उसने गिरोह के अन्य सदस्यों के नामों का भी खुलासा किया:
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अभिषेक शुक्ला उर्फ गुरूजी: (निवासी होलागढ़, प्रयागराज) यह इस डीसीएम गाड़ी का मालिक है और इसी के कहने पर अमरजीत गांजा लेने उड़ीसा गया था।
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रजत सिंह: (निवासी गाजीपुर, उ०प्र०) यह उड़ीसा के रायगढ़ा में ढाबा चलाता है। इसने और इसके साथी शुभम सिंह ने मिलकर डीसीएम में कैरेट के पीछे गांजा लोड करवाया था।
₹1 लाख का मिलता था बोनस: अमरजीत ने बताया कि वे लोग कई वर्षों से उड़ीसा से गांजा लाकर प्रयागराज और आसपास के जिलों में ऊंचे दामों पर बेचते हैं। होने वाले मुनाफे को सब आपस में बांट लेते थे, जबकि गांजे की खेप सुरक्षित समय पर पहुंचाने के एवज में अमरजीत को 1 लाख रुपये अलग से मिलते थे।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ थाना मड़िहान, जनपद मीरजापुर में मु०अ०सं० 151/2026 के तहत एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 8/20/29 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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