सामूहिक विवाह: आधार लिंक होने पर ₹64 हजार
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: अब PFMS से मिलेंगे ₹64 हजार, बैंक खाते से आधार लिंक होना अनिवार्य
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के क्रियान्वयन और भुगतान प्रक्रिया में शासन ने एक बड़ा बदलाव किया है। अब योजना के तहत मिलने वाली ₹64,000 की आर्थिक सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के बजाय सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। शासन ने इस संबंध में सभी जिला समाज कल्याण अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
आधार सीडिंग और NPCI मैपिंग हुई जरूरी पहले इस योजना में आवेदन के समय बैंक खाता संख्या, आईएफएससी (IFSC) कोड और शाखा का ब्योरा लेकर सीधे खाते में पैसा ट्रांसफर कर दिया जाता था। लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब अकाउंट नंबर या आईएफएससी कोड की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि राशि केवल आधार कार्ड के जरिए बैंक खाते में भेजी जाएगी। विशेष सचिव प्रवीण मिश्र ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आवेदन पत्रों की एनपीसीआई (NPCI) मैपिंग सुनिश्चित की जाए, जिससे यह तय हो सके कि लाभार्थी बेटियों का बैंक खाता उनके आधार से अनिवार्य रूप से लिंक हो।
पारदर्शिता लाने और बिचौलियों को रोकने की पहल सरकार का उद्देश्य इस नई व्यवस्था के जरिए प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और पात्र लाभार्थियों को बिना किसी देरी के सीधे आर्थिक लाभ पहुँचाना है। जिन लाभार्थियों का बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक नहीं होगा, उनकी भुगतान प्रक्रिया अटक सकती है। इसलिए समाज कल्याण विभाग ने सभी आवेदकों से समय रहते अपने बैंक खातों की आधार सीडिंग प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

