बरेली: फर्जी बैंक लोन गिरोह का पर्दाफाश
बरेली में फर्जी सरकारी कर्मचारी बनकर लाखों का बैंक लोन हड़पने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार
बरेली: फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आम लोगों को सरकारी कर्मचारी दर्शाकर बैंकों से लाखों रुपये का लोन हड़पने वाले एक शातिर गिरोह का बरेली पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। भोजीपुरा पुलिस ने मॉडर्न विलेज के पास से गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से नकदी, कूटरचित दस्तावेज और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस गिरोह के मुख्य सरगना और फर्जी कागजात तैयार करने वाले अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
आधार कार्ड में हेरफेर कर ऐसे दिया जाता था ठगी को अंजाम पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने अपनी पूरी कार्यशैली (मोडस ऑपरेंडी) का खुलासा किया। गिरोह के सदस्य सबसे पहले आधार कार्ड में फर्जी पते और विवरण बदलकर नए मोबाइल सिम कार्ड हासिल करते थे। इसके बाद अलग-अलग बैंकों में फर्जी खाते खुलवाकर उनमें 2-3 महीने तक नियमित वेतन (Salary) आने का ड्रामा रचा जाता था। खाता सक्रिय और नियमित वेतन दर्ज होने के बाद संबंधित व्यक्ति को फर्जी वेतन स्लिप और किरायानामा के आधार पर सरकारी कर्मचारी बताकर 15 से 20 लाख रुपये तक का पर्सनल लोन स्वीकृत करा लिया जाता था।
20 लाख के लोन में से पीड़ित को दिए महज ₹71 हजार पूछताछ में सामने आया कि हाल ही में इस गिरोह ने लखीमपुर खीरी निवासी संजीव कुमार के नाम पर ₹20 लाख का बैंक लोन पास कराया था। लोन स्वीकृत होते ही संजीव को केवल ₹71,000 दिए गए और बाकी की भारी-भरकम राशि चेक व एटीएम के जरिए निकालकर आपस में बांट ली गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राम नयन गुप्ता उर्फ कन्हैया, राकेश गुप्ता, अनिल गुप्ता और ऋषभ कुमार सक्सेना के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से बंटवारे के लिए रखी ₹3.50 लाख की बची हुई नकदी भी जब्त कर ली है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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