मंगल ग्रह: धरती का क्लाइमेट कंट्रो
स्पेस रिसर्च में बड़ा खुलासा: मंगल ग्रह बदल रहा है पृथ्वी का मौसम! जानें कैसे ‘लाल ग्रह’ का गुरुत्वाकर्षण हमारे जलवायु चक्र को करता है कंट्रोल
Science News: अब तक हम मानते थे कि पृथ्वी के मौसम और जलवायु चक्रों पर केवल सूर्य, चंद्रमा या विशालकाय बृहस्पति (Jupiter) का प्रभाव पड़ता है। लेकिन Space.com की एक ताजा रिपोर्ट और नई वैज्ञानिक रिसर्च ने दुनिया को चौंका दिया है। शोध के अनुसार, मंगल ग्रह (Mars) आकार में छोटा होने के बावजूद पृथ्वी के झुकाव और उसकी कक्षा (Orbit) को प्रभावित करने में बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा है।
मंगल का गुरुत्वाकर्षण: छोटा पैकेट, बड़ा धमाका
दशकों से वैज्ञानिक ‘मिलानकोविच चक्र’ (Milankovitch cycles) को पृथ्वी की जलवायु का मुख्य आधार मानते आए हैं। ये वे चक्र हैं जो सौर मंडल के अन्य ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण के कारण पृथ्वी की कक्षा में बहुत धीमे बदलाव लाते हैं।
नई रिसर्च के मुख्य निष्कर्ष:
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शुक्र और बृहस्पति के अलावा मंगल भी किंगमेकर: पहले माना जाता था कि शुक्र (निकटता के कारण) और बृहस्पति (विशाल आकार के कारण) ही पृथ्वी की जलवायु को आकार देते हैं, लेकिन अब मंगल का प्रभाव भी प्रमाणित हो गया है।
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करोड़ों सालों का खेल: मंगल ग्रह का गुरुत्वाकर्षण लाखों वर्षों तक चलने वाले जलवायु चक्रों को नियंत्रित करता है।
अगर मंगल न होता, तो बदल जाती पृथ्वी की किस्मत
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के स्टीफन केन और बर्मिंघम विश्वविद्यालय की टीम ने एक जटिल कंप्यूटर सिमुलेशन के जरिए इस प्रभाव की जांच की। इस स्टडी में जो सामने आया वह हैरान करने वाला है:
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चक्रों का अंत: जब सिमुलेशन से मंगल ग्रह को पूरी तरह हटा दिया गया, तो लगभग 1 लाख वर्ष और 24 लाख वर्ष की अवधि वाले पृथ्वी के महत्वपूर्ण जलवायु चक्र पूरी तरह समाप्त हो गए।
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मंगल के द्रव्यमान (Mass) का असर: रिसर्च में यह भी पाया गया कि अगर मंगल का वजन या द्रव्यमान बढ़ाया जाए, तो पृथ्वी के ये जलवायु चक्र और छोटे हो जाएंगे, जिससे मौसम में बदलाव की गति तेज हो जाएगी।
गहरे समुद्र की तलछटों ने दिए सबूत
वैज्ञानिकों को इस प्रभाव के शुरुआती संकेत गहरे समुद्र के नीचे जमी तलछटों (Sediments) के अध्ययन से मिले थे। स्टीफन केन के अनुसार, शुरुआत में उन्हें लगा था कि पृथ्वी के भूवैज्ञानिक इतिहास में मंगल के प्रभाव को देखना नामुमकिन होगा, लेकिन इस नए सिमुलेशन ने इसे स्पष्ट रूप से प्रमाणित कर दिया है।
निष्कर्ष: सौर मंडल का एक अटूट हिस्सा है पृथ्वी
यह रिसर्च साबित करती है कि अंतरिक्ष में कोई भी ग्रह अकेला नहीं है। मंगल ग्रह की उपस्थिति पृथ्वी पर जीवन और मौसम के संतुलन को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। लाल ग्रह का गुरुत्वाकर्षण भले ही हमें महसूस न हो, लेकिन यह हमारी धरती को एक खास कोण पर झुकाए रखने और मौसम को लाखों सालों तक स्थिर रखने में मदद कर रहा है।
ब्यूरो रिपोर्ट: साइंस डेस्क

