मन की बात: PM मोदी का बड़ा संबोधन
‘मन की बात’ में बोले पीएम मोदी- विमानन से लेकर रक्षा क्षेत्र तक, हर दिशा में मजबूत हो रहा ‘आत्मनिर्भर भारत’
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 135वीं कड़ी में देश-विदेश के करोड़ों लोगों से अपने विचार साझा किए। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश की वैज्ञानिक, सामरिक और सांस्कृतिक प्रगति का जिक्र करते हुए ‘जनभागीदारी’ (जनता की भागीदारी) को राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा आधार बताया।
रक्षा और विमानन क्षेत्र में भारत की ऐतिहासिक सफलताएं
प्रधानमंत्री ने जून महीने को देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बताया:
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स्वदेशी सी-295 विमान: जून में भारत ने स्वदेशी सी-295 विमान की पहली सफल उड़ान के साथ विमानन (Aviation) क्षेत्र में बड़ी कामयाबी हासिल की। देश में ऐसे 40 और विमान बनाए जा रहे हैं, जिससे MSME और एयरोस्पेस क्षेत्र को तेजी मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।
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तीन स्वदेशी युद्धपोत: कोलकाता में पूरी तरह स्वदेशी डिजाइन और तकनीक से निर्मित तीन युद्धपोतों—’दूनागिरी’, ‘संशोधक’ और ‘अग्रय’ का जलावतरण किया गया।
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लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने उद्योग जगत के साथ मिलकर जमीन से हमले करने वाली लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
योगासन चैंपियनशिप में भारत शीर्ष पर
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सफलता की चर्चा करते हुए पीएम ने बताया कि इस बार दुनियाभर में 2,500 से अधिक स्थानों पर योग कार्यक्रम हुए। उन्होंने अहमदाबाद में आयोजित ‘विश्व योगासन चैंपियनशिप’ में 102 स्वर्ण सहित कुल 114 पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल करने पर भारतीय एथलीटों को बधाई दी।
संकट के समय देशवासियों ने दिखाई एकजुटता
पश्चिम एशिया के हालातों और वैश्विक आर्थिक संकट के बीच प्रधानमंत्री की अपील पर देशवासियों द्वारा दिखाए गए सहयोग की उन्होंने सराहना की:
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कई परिवारों ने विवाह के लिए सोने की नई खरीदारी टालकर पुराने गहनों से ही नए आभूषण बनवाए।
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लोगों ने स्वेच्छा से अपने विदेशी दौरे रद्द किए और पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए कार पूलिंग, मेट्रो तथा बसों के सफर को प्राथमिकता दी।
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देश के किसानों और आम लोगों ने खेती की जमीन को रसायनों से दूर रखने के लिए प्राकृतिक खाद के उपयोग को बढ़ावा दिया है।
सामाजिक सुरक्षा योजनाएं: ₹20 में ₹2 लाख का बीमा
पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के नांदेड़ के पेठकर परिवार की सराहना की, जिन्होंने करीब 3,500 ग्रामीणों का दुर्घटना बीमा कराया। इसी संदर्भ में उन्होंने सरकार की दो मुख्य बीमा योजनाओं का ब्यौरा साझा किया:
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प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना: महज ₹20 के वार्षिक प्रीमियम पर ₹2 लाख तक का दुर्घटना बीमा मिलता है। इससे अब तक 58 करोड़ से अधिक लोग (जिसमें 28 करोड़ महिलाएं शामिल हैं) जुड़ चुके हैं और पीड़ित परिवारों को ₹3,700 करोड़ से ज्यादा की सहायता दी जा चुकी है।
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प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना: दुखद मृत्यु की स्थिति में परिजनों को ₹2 लाख का बीमा मिलता है, जिसका सालाना प्रीमियम केवल ₹436 है। इस योजना से 27 करोड़ से अधिक लोग जुड़े हैं और ₹22,000 करोड़ की मदद पहुंचाई जा चुकी है।
अंधविश्वास को चुनौती: ‘हरगिला आर्मी’ की प्रेरक कहानी
प्रधानमंत्री ने समाज में गहरे बैठे अंधविश्वास और डर पर चिंता जताते हुए असम की जीव विज्ञानी पूर्णा देवी बर्मन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने असम में अशुभ माने जाने वाले दुर्लभ ‘हरगिला’ पक्षी को बचाने के लिए स्थानीय महिलाओं को लामबंद किया। आज हजारों महिलाओं की यह ‘हरगिला आर्मी’ पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बन चुकी है।
शिक्षा में आधुनिकता और परंपरा का संगम
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नालंदा विश्वविद्यालय: पीएम मोदी ने दो वर्ष पूर्व लोकार्पित नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर की चर्चा करते हुए कहा कि इसने ‘शास्त्रार्थ’ (वाद-विवाद और मंथन की अनुशासित प्रक्रिया) की प्राचीन परंपरा को पुनर्जीवित किया है।
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केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (दिल्ली): यह विश्वविद्यालय यांत्रिक मेधा (AI) और डेटा साइंस में बी-टेक (B.Tech) कार्यक्रम शुरू कर रहा है, जो आधुनिक तकनीक को पारंपरिक ज्ञान से जोड़ेगा।
वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति और पर्यावरण चेतना
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डोमेनिका गणराज्य: यहाँ महज 100 भारतीय होने के बावजूद, स्पेनिश बोलने वाले स्थानीय लोगों ने ‘ब्रह्म कमल डोमेनिकाना’ नामक टीम बनाई है, जो पुरुष सूक्तम और दुर्गा सूक्तम जैसे वैदिक मंत्रों का शुद्ध उच्चारण सीख रही है।
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मेघालय के रूट ब्रिज: जीवित जड़ों से बने इन पुलों को सहेजने के लिए पद्म पुरस्कार विजेता हैली वार जी के 50 वर्षों के योगदान को सराहा गया। इन रूट ब्रिज को यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर स्थल में शामिल करने के लिए आवेदन किया गया है।
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प्लास्टिक से ‘इको ब्रिक’: मध्य प्रदेश के राजगढ़ (ब्यावरा) की महिलाओं ने प्लास्टिक कचरे को ‘इको ब्रिक’ में बदलकर सार्वजनिक स्थलों को सुंदर बनाने का काम किया है।
गणेश उत्सव और जल संरक्षण की अपील:
अंत में, प्रधानमंत्री ने आगामी गणेश उत्सव के लिए कुम्हारों और स्थानीय कलाकारों द्वारा बनाई गई मिट्टी की मूर्तियों को ही खरीदने की अपील की ताकि नदियां और पर्यावरण सुरक्षित रहें। साथ ही, उन्होंने मानसून के मद्देनजर ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत वर्षा जल की एक-एक बूंद को बचाने का आग्रह किया।
रिपोर्ट: सोनू कुमार, पत्रकार,
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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