योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: मक्का, बाजरा और ज्वार की MSP खरीद नीति 2026-27 मंजूर, किसानों को मिलेगा उचित मोल
योगी सरकार का किसानों के हित में बड़ा फैसला: मक्का, बाजरा और ज्वार की MSP खरीद नीति 2026-27 को मिली मंजूरी”
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में किसानों को उनकी फसलों का वाजिब दाम दिलाने और मोटे अनाजों (श्री अन्न) की खेती को प्रोत्साहन देने के लिए योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में संपन्न हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत मक्का, बाजरा और ज्वार की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी खरीद नीति को औपचारिक हरी झंडी दे दी गई है।
धान खरीद नीति की मंजूरी के तुरंत बाद मिलेट्स और मोटे अनाज उत्पादक किसानों के लिए आई इस घोषणा से प्रदेश भर के कृषि गलियारों में उत्साह का माहौल है।
1. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और खरीद का खाका
कैबिनेट द्वारा पारित प्रस्ताव के तहत केंद्र सरकार द्वारा घोषित खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से उपज की पारदर्शी खरीद की जाएगी:
-
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP):
-
मक्का: ₹2,410 प्रति क्विंटल
-
बाजरा: ₹2,900 प्रति क्विंटल
-
ज्वार (हाइब्रिड/मालदंडी): ₹4,023 से ₹4,073 प्रति क्विंटल तक
-
-
सीधा खाते में भुगतान: किसानों को बिचौलियों और आढ़तियों के शोषण से बचाने के लिए खरीद का भुगतान पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) और डीबीटी (DBT) के जरिए सीधे उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में भेजा जाएगा।
2. ‘श्री अन्न’ और मोटे अनाजों को बढ़ावा
योगी सरकार लगातार प्रदेश में मोटे अनाजों और पोषक अनाजों की खेती को प्रोत्साहित कर रही है:
-
बाजार में बेहतर दाम का आश्वासन: कई बार खुले बाजार में मक्का, बाजरा और ज्वार के दाम गिर जाने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। सरकारी खरीद नीति लागू होने से किसानों को उनकी फसल का सुनिश्चित और न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा।
-
क्रय केंद्रों का नेटवर्क: मक्का, बाजरा और ज्वार उत्पादक प्रमुख जिलों में विशेष क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां ऑनलाइन पंजीकरण और डिजिटल तोल मशीन के जरिए खरीद प्रक्रिया संपन्न होगी।
3. पारदर्शी प्रक्रिया और भूलेख ऑनलाइन सत्यापन
खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए गए हैं:
-
भूलेख पोर्टल से सत्यापन: किसानों द्वारा बोए गए रकबे का ऑनलाइन सत्यापन भूलेख पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा ताकि केवल वास्तविक किसानों को ही एमएसपी योजना का सीधा लाभ मिल सके।
-
समयबद्ध भुगतान व्यवस्था: क्रय केंद्रों पर फसल बेचने के बाद किसानों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनकी राशि हस्तांतरित करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
निष्कर्ष
धान के साथ-साथ मक्का, बाजरा और ज्वार की समर्थन मूल्य पर खरीद नीति को मंजूरी देकर योगी सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वह पारंपरिक फसलों के साथ-साथ मोटे अनाज उगाने वाले किसानों की आर्थिक समृद्धि के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस फैसले से उत्तर प्रदेश के लाखों किसान लाभान्वित होंगे।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ किसानों के अधिकारों, कृषि सुधारों और शासन के फैसलों से जुड़ी हर खबर निष्पक्षता से अपने पाठकों तक पहुंचाती रहेगी।
