लक्ष्मी नगर: अवैध पीजी और निर्माण पर सवाल
पांडव नगर हादसे के बाद भी बेखबर प्रशासन
लक्ष्मी नगर के ‘शर्मा पीजी’ में सुरक्षा मानकों का सरेआम उल्लंघन: बिना आईडी वेरिफिकेशन और अवैध मंजिलों पर चल रहा गोरखधंधा
नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर में हाल ही में जर्जर और अवैध निर्माणों पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद पास के ही लक्ष्मी नगर इलाके में नगर निगम (MCD) और स्थानीय पुलिस की शह पर नियमों का खुला उल्लंघन जारी है। लक्ष्मी नगर के सुभाष चौक स्थित बी-28 मौर्या कॉम्प्लेक्स में संचालित ‘शर्मा पीजी’ (Sharma PG) में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का एक बेहद खतरनाक मामला सामने आया है।

अवैध फ्लोर और बिना वेरिफिकेशन के किराएदार
स्थानीय निवासियों और प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बहुमंजिला इमारत में हादसों को न्योता देने वाली कई गंभीर लापरवाही बरती जा रही हैं:
-
चौथी और पांचवीं मंजिल पर अवैध निर्माण: बी-28 मौर्या कॉम्प्लेक्स की चौथी और पांचवीं मंजिल (4th & 5th Floor) का निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे (Approved Building Plan) और बिना स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट के अवैध रूप से किया गया है।
-
अवैध ‘शर्मा पीजी’ और होटल का संचालन: इन अवैध मंजिलों पर धड़ल्ले से ‘शर्मा पीजी’ और गेस्ट हाउस चलाया जा रहा है, जहां सुरक्षा मानकों, फायर सेफ्टी (Fire Safety NOC) और आपातकालीन निकासों (Emergency Exits) की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
-
बिना आईडी वेरिफिकेशन के प्रवेश: ‘शर्मा पीजी’ में ठहरने वाले बाहरी लोगों और छात्रों का कोई आईडी वेरिफिकेशन (ID Verification) और पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया जा रहा है, जो क्षेत्र की आंतरिक सुरक्षा और महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ के संपादक ने की शिकायत, फिर भी मौन है प्रशासन
इस गंभीर मामले को लेकर ‘ऑल राइट्स मैगजीन’ (Allrights Magazine) के संपादक श्री गोपाल अग्रवाल ने दिल्ली नगर निगम और पुलिस महकमे को लिखित शिकायत सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है:
-
प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल: जब पांडव नगर में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई हो सकती है, तो लक्ष्मी नगर के सुभाष चौक पर स्थित इस खतरनाक इमारत और ‘शर्मा पीजी’ पर कार्रवाई करने से अधिकारी क्यों कतरा रहे हैं?
-
हादसे का इंतजार या साठगांठ? स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी त्रासदी या आगजनी के हादसे का इंतजार कर रहा है?
यदि नगर निगम और दिल्ली पुलिस ने समय रहते ‘शर्मा पीजी’ और बी-28 मौर्या कॉम्प्लेक्स की अवैध मंजिलों को सील नहीं किया, तो भविष्य में होने वाले किसी भी हादसे के लिए सीधे तौर पर क्षेत्र के संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
मिजोरम यूथ कांग्रेस की बैठक: 25 हजार खाली पदों पर संग्राम!
