IAS दिव्या मित्तल: BDA को बनाया कर्जमुक्त
IAS दिव्या मित्तल के 19 माह का स्वर्णिम कार्यकाल: 32 करोड़ कर्ज मुक्त हुआ BDA, रामगंगा नगर को मिली नई पहचान
बरेली: बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) को आर्थिक बदहाली से उबारने और शहर के आधुनिक बुनियादी ढांचे की नींव रखने में पूर्व BDA उपाध्यक्ष व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल का 19 माह का कार्यकाल ऐतिहासिक रहा। उन्होंने न केवल कर्ज तले दबे प्राधिकरण को उबारा, बल्कि अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाकर बरेली को एक सुनियोजित और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में कड़े कदम उठाए।
32 करोड़ का कर्ज चुकाया, BDA को डिफॉल्टर होने से बचाया IAS दिव्या मित्तल के पदभार ग्रहण करने से पहले BDA पर 32 करोड़ रुपये से अधिक का सरकारी ऋण बकाया था और प्राधिकरण डिफॉल्टर होने की कगार पर पहुँच चुका था। अपनी कुशल वित्तीय प्रबंधन क्षमता का परिचय देते हुए उन्होंने महज 19 महीनों के भीतर पूरे ऋण का चुकता कराया और BDA को वित्तीय रूप से सुदृढ़ व आत्मनिर्भर बनाया।
300 एकड़ की रामगंगा नगर योजना से हटाए अवैध कब्जे बरेली की अति-महत्वाकांक्षी 300 एकड़ में फैली ‘रामगंगा नगर आवासीय योजना’ वर्षों से अवैध कब्जों के मकड़जाल में फंसी हुई थी। IAS दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक कड़ाई दिखाते हुए इन अवैध कब्जों को चिह्नित कर तुरंत ध्वस्त कराया। इसके साथ ही योजना को धरातल पर उतारते हुए भूखंड आवंटन (Plot Allotment) की प्रक्रिया तेजी से शुरू कराई, जिससे आम जनता के अपने घर का सपना साकार हो सका।
स्टेडियम रोड पर अवैध निर्माण पर कसा शिकंजा अपनी जनसुलभ छवि के साथ-साथ वह सख्त प्रशासनिक फैसलों के लिए भी जानी गईं। इसका उदाहरण स्टेडियम रोड स्थित ‘फोकस अस्पताल’ पर हुई कार्रवाई से मिला। स्वीकृत नक्शे से अधिक निर्माण किए जाने पर जब अस्पताल प्रबंधन ने नेताओं और अधिकारियों से सिफारिशें कराईं, तब भी उन्होंने दबाव को खारिज करते हुए नियमसंगत सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

