गोदरेज का विज़न ‘क्राफ्टिंग टुमॉरो’

क्राफ्टिंग टुमॉरो’ के साथ गोदरेज की नई उड़ान; 2031 तक ₹5 लाख करोड़ के मार्केट कैप का लक्ष्य

(अनिल बेदाग, मुंबई)

मुंबई: भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों में से एक, गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप ने अपने भविष्य की दिशा तय करते हुए एक नए विज़न “1897 से निरंतर निर्माण, हर आने वाले कल का” (Crafting Tomorrow since 1897) का ऐलान किया है। मुंबई स्थित ‘गोदरेज वन’ मुख्यालय से हुई यह घोषणा केवल एक ब्रांड बदलाव नहीं, बल्कि समूह के 129 वर्षों के गौरवशाली इतिहास को आधुनिक भारत की महत्वाकांक्षाओं से जोड़ने की एक बड़ी रणनीतिक पहल है।


एकीकृत ब्रांड पहचान और भविष्य की रणनीति

गोदरेज समूह अब अपने विविध व्यवसायों—कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, रियल एस्टेट, फाइनेंशियल सर्विसेज, एग्रीकल्चर और केमिकल्स—को एक साझा उद्देश्य के तहत एकजुट कर रहा है।

  • पिरोजशा गोदरेज (मनोनीत चेयरपर्सन): उनके अनुसार, यह नया उद्देश्य केवल व्यापार बढ़ाना नहीं, बल्कि मूल्य (Value) और परिणाम के बीच सही संतुलन बनाना है।

  • तान्या दुबाष: उन्होंने इस नई पहचान को आधुनिक, एकीकृत और भविष्य-उन्मुख (Future-oriented) बताया, जो ब्रांड को वैश्विक स्तर पर नई मजबूती देगी।

विशाल लक्ष्य: ₹5,00,000 करोड़ का मार्केट कैप

पिछले पांच वर्षों में 20 प्रतिशत से अधिक की वार्षिक वृद्धि दर्ज करने के बाद, समूह ने अपनी आर्थिक महत्वाकांक्षाओं को और विस्तार दिया है। गोदरेज ग्रुप का लक्ष्य वर्ष 2031 तक ₹5,00,000 करोड़ के मार्केट कैप तक पहुँचना है। यह लक्ष्य दर्शाता है कि समूह आने वाले दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था में अपनी पैठ को और गहरा करने के लिए तैयार है।

बहु-संवेदी अनुभव (Multi-Sensory Experience)

गोदरेज की नई ब्रांड पहचान केवल लोगो या विजुअल्स तक सीमित नहीं है। इसमें आधुनिक तकनीक और अनुभव का समावेश किया गया है:

  1. सोनिक सिग्नेचर: ब्रांड की अपनी एक खास ध्वनि पहचान (Audio Branding)।

  2. सिग्नेचर फ्रेगरेंस: ब्रांड के अनुभव को महसूस कराने के लिए विशेष सुगंध।

  3. नई टाइपोग्राफी: एक आधुनिक और स्पष्ट विजुअल अपील।

सस्टेनेबिलिटी और समावेशिता पर जोर

ग्रुप ने स्पष्ट किया है कि भविष्य की सफलता केवल मुनाफे से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से तय होगी। सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) और समावेशिता (Inclusivity) को ब्रांड के कोर विज़न में शामिल किया गया है, ताकि पर्यावरण और समाज पर सकारात्मक प्रभाव डाला जा सके।

(अनिल बेदाग, मुंबई)

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर(Allrights Magazine)

 

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