सीजेपी का सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम
कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार को दिया सात दिन का समय, अभिजीत दीपके बोले- ‘यह सिर्फ़ ट्रेलर था’
(नई दिल्ली): दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का बड़ा विरोध प्रदर्शन शाम पांच बजे शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया. इस प्रदर्शन में युवाओं और प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ जुटी थी, जिसमें प्रमुख पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए. प्रदर्शन खत्म होने के बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने सरकार को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है [cite: वहीं पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि उनकी पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देने के लिए सात दिनों का समय दे रही है, अगर ऐसा नहीं हुआ तो दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा.].
‘आज का प्रदर्शन तो सिर्फ़ एक ट्रेलर था’ — अभिजीत दीपके
आंदोलन की समाप्ति के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख नेता अभिजीत दीपके ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) हैंडल पर एक पोस्ट साझा की. उन्होंने सरकार को सचेत करते हुए लिखा कि जंतर-मंतर पर जुटी यह भीड़ तो शुरुआत भर है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “आज का प्रदर्शन तो सिर्फ़ एक ट्रेलर था।”
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए 7 दिनों का अल्टीमेटम
पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मीडिया से बात करते हुए केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर तीखा हमला बोला [cite: वहीं पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि उनकी पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देने के लिए सात दिनों का समय दे रही है, अगर ऐसा नहीं हुआ तो दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा.]:
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बर्खास्तगी की मांग: आशुतोष रांका ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर हजारों लोगों की भारी भीड़ जुटने और विरोध के बावजूद सरकार या केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की ओर से इस्तीफे को लेकर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है [cite: आशुतोष रांका ने कहा, “आज जंतर-मंतर पर हज़ारों लोगों की भीड़ जुटने के बाद भी सरकार की ओर से और धर्मेंद्र प्रधान की तरफ़ से इस्तीफ़े को लेकर कोई ख़बर नहीं आई है.]. यहाँ तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अब तक शिक्षा मंत्री को उनके पद से बर्खास्त नहीं किया है.
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दी दोबारा आंदोलन की चेतावनी: प्रवक्ता ने कहा, “जिन लोगों को यह गलतफहमी है कि यह सिर्फ एक दिन का सामान्य प्रदर्शन था, उन्हें हम साफ कर देना चाहते हैं कि यह सिर्फ एक ट्रेलर था. हम इस गूंगी-बहरी सरकार को पूरे सात दिन का समय दे रहे हैं।”
आर-पार की लड़ाई के मूड में पार्टी
आशुतोष रांका ने अपनी बात पूरी करते हुए कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान के भीतर देश के लोकतंत्र और छात्रों के प्रति थोड़ी सी भी जवाबदेही बची है, तो वे स्वतः ही सात दिनों के भीतर अपने पद से इस्तीफा दे दें [cite: धर्मेंद्र प्रधान में अगर देश के लोकतंत्र के प्रति थोड़ी भी जवाबदेही है, तो वे सात दिन के भीतर इस्तीफ़ा दें, या फिर प्रधानमंत्री मोदी उन्हें बर्ख़ास्त करें.]. यदि ऐसा नहीं होता है, या प्रधानमंत्री उन्हें कैबिनेट से बर्खास्त नहीं करते हैं, तो सात दिन की समय-सीमा समाप्त होते ही कॉकरोच जनता पार्टी एक बार फिर सड़कों पर उतरेगी और इससे भी बड़ा देशव्यापी प्रदर्शन करेगी [cite: धर्मेंद्र प्रधान में अगर देश के लोकतंत्र के प्रति थोड़ी भी जवाबदेही है, तो वे सात दिन के भीतर इस्तीफ़ा दें, या फिर प्रधानमंत्री मोदी उन्हें बर्ख़ास्त करें। नहीं तो हम दोबारा प्रदर्शन करेंगे.”].
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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