KHG के 4 स्टार्टअप्स बदलेंगे स्वास्थ्य परिदृश्य
केएचजी फाउंडेशन की ओर से चार अभिनव स्टार्टअप्स की घोषणा; बदलेंगे इलाज का तरीका
मुंबई: भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ, सुगम और किफायती बनाने की दिशा में केएचजी फाउंडेशन (KHG Foundation) ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। फाउंडेशन ने वर्ष 2025-26 के लिए चार अत्याधुनिक हेल्थ-टेक (Health-Tech) स्टार्टअप्स का चयन किया है, जो अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक को बड़े शहरों के अस्पतालों से निकालकर देश के दूर-दराज के गांवों तक पहुँचाने का काम करेंगे।
‘बहुजन हिताय’: कम लागत में बेहतर सुविधाएं
इस पहल की सराहना करते हुए पद्म विभूषण डॉ. आर. ए. माशेलकर ने कहा कि असली नवाचार वही है जो कम लागत में अधिक से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए। उन्होंने जोर दिया कि परिवर्तनकारी विज्ञान का उद्देश्य ‘बहुजन हिताय’ होना चाहिए, ताकि उन्नत तकनीक का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।
ये 4 स्टार्टअप्स रचेंगे नया इतिहास
चयनित स्टार्टअप्स ऐसे समाधान पेश कर रहे हैं जो स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी चुनौतियों को तकनीक के जरिए हल करेंगे:
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अगत्स्या सॉफ्टवेयर: इनका नॉन-इनवेसिव डिवाइस बिना किसी चीरा-फाड़ी के गंभीर रोगों की पहचान में मदद करेगा।
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रेमेडियो इनोवेटिव सॉल्यूशंस: यह स्टार्टअप कम लागत वाली ऐसी तकनीक लाया है जिससे ग्लूकोमा (काला मोतिया) की जांच आसान और सस्ती होगी।
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फास्ट सेंस इनोवेशन: गंभीर संक्रमण (Sepsis) की तेजी से पहचान करने वाला समाधान, जो हजारों जिंदगियां बचाने में सक्षम है।
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आयु डिवाइसस: इनका डिजिटल स्टेथोस्कोप हृदय और फेफड़ों की ध्वनियों को डिजिटल रूप में अधिक सटीकता से सुनने में मदद करता है।
स्वस्थ भारत और डिजिटल इंडिया को मजबूती
प्रोफेसर अनिल गुप्ता के अनुसार, ये नवाचार साबित करते हैं कि गुणवत्ता से समझौता किए बिना चिकित्सा खर्च को कम किया जा सकता है। केएचजी फाउंडेशन इन चारों स्टार्टअप्स को केवल पूंजी ही नहीं, बल्कि तकनीकी मार्गदर्शन और नेटवर्किंग समर्थन भी प्रदान करेगा।
यह पहल केंद्र सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘स्वस्थ भारत’ के विज़न को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
(अनिल बेदाग, मुंबई)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर(Allrights Magazine)

