इम्तियाज अली की किडनैपिंग का किस्सा
हॉस्टल से किडनैप हो गए थे Imtiaz Ali, साइकिल रिक्शा में बिठाकर उठा ले गई थी लोकल गैंग; कैसे बच निकले?
(एंटरटेनमेंट डेस्क): ‘जब वी मेट’, ‘रॉकस्टार’, ‘तमाशा’ और ‘लैला मजनू’ जैसी कल्ट और सुपरहिट फिल्में बॉलीवुड को देने वाले मशहूर डायरेक्टर इम्तियाज अली (Imtiaz Ali) आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उनकी फिल्मों की कहानियां जितनी अनोखी और दिलचस्प होती हैं, असल जिंदगी में उनके साथ घटी एक घटना भी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। एक हालिया इंटरव्यू में इम्तियाज अली ने अपने जीवन का एक ऐसा चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया है।
कॉलेज के दिनों में हॉस्टल से हुआ था अपहरण
इम्तियाज अली ने बताया कि यह घटना उनके कॉलेज के दिनों की है, जब वह हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे थे:
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साइकिल रिक्शा में आए थे किडनैपर्स: आम तौर पर किडनैपिंग की वारदातों में बड़ी कारों या बंद गाड़ियों का इस्तेमाल सुना जाता है, लेकिन इम्तियाज को किडनैप करने आई लोकल गैंग के लोग उन्हें एक साधारण साइकिल रिक्शा में बिठाकर जबरन उठा ले गए थे।
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लोकल गैंग का था हाथ: इस अजीबोगरीब अपहरण के पीछे इलाके की ही एक लोकल गैंग का हाथ था, जो हॉस्टल में घुसकर उन्हें अपने साथ ले गई थी।
ऐसी घटना जिसे कभी भुला नहीं पाएंगे डायरेक्टर
डायरेक्टर ने इंटरव्यू में साझा किया कि यह उनके जीवन का एक ऐसा खौफनाक और अजीब अनुभव था, जिसे वह आज तक कभी भुला नहीं पाए हैं [cite: जब वी मेट, रॉकस्टार और लैला मजनू जैसी फिल्में बना चुके इम्तियाज अली (Imtiaz Ali) के साथ एक बार ऐसी घटना घटी थी, जिसे वह कभी भुला नहीं पाएंगे।]। हालांकि, उस वक्त की परिस्थितियों और अपनी सूझबूझ के चलते वह किसी तरह उस लोकल गैंग के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे थे।
इम्तियाज ने आगे बताया कि उनके जीवन के ऐसे ही असल और रीयल-लाइफ अनुभवों ने कहीं न कहीं उन्हें भविष्य में फिल्में बनाने और किरदारों को गहराई से समझने में काफी मदद की। यही वजह है कि उनकी फिल्मों में सफर, भटकाव और मानवीय संवेदनाओं का एक अलग ही रूप देखने को मिलता है।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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