ED ने Cox & Kings संपत्ति वापस की
🤝 ED की बड़ी सफलता: Cox & Kings मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ₹520.80 करोड़ की संपत्ति वैध दावेदार को वापस
मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ED), मुंबई जोनल ऑफिस ने Cox & Kings Ltd. (CKL) धोखाधड़ी मामले में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। ED ने PMLA के तहत कुर्क की गई संपत्ति को वैध दावेदार (Legitimate Claimant) को वापस दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की है, जो धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 8(8) के प्रति निदेशालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
💰 ₹4,100 करोड़ का CKL घोटाला और POC की पहचान
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कुल POC: CKL और उसके प्रमोटरों से जुड़े इस बड़े धोखाधड़ी मामले में अनुमानित ₹4,100 करोड़ की अपराध की आय (Proceeds of Crime – POC) की पहचान की गई है।
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धनशोधन: जांच में यह पता चला कि POC में से ₹1,066 करोड़ M/s V Hotels Ltd. में भेज दिए गए थे।
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कुर्की: इस राशि में से ₹520.80 करोड़ बकाया था, जिसे बाद में PMLA, 2002 के तहत कुर्क कर लिया गया था। कुर्की को निर्णायक प्राधिकारी (Adjudicating Authority) ने भी पुष्टि कर दी थी।
🏛️ IBC और PMLA के तहत समाधान
M/s V Hotels Ltd. दिवाला और दिवालियापन संहिता (IBC) के तहत कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) से गुज़रा। Macrotech Developers Ltd. को सफल समाधान आवेदक (SRA) के रूप में अनुमोदित किया गया था।
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निर्णय का पालन: ED द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका पर, माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में, SRA ने कुर्क की गई संपत्ति के प्रतिस्थापित मूल्य (Substituted Value) के रूप में ₹520.80 करोड़ SBI में ब्याज सहित सावधि जमा (Fixed Deposit) के रूप में जमा किए।
✅ ED की सहमति और सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सुनवाई के दौरान, ED ने PMLA की धारा 8(8) और IBC की धारा 32A को ध्यान में रखते हुए, तथा इसी तरह के अन्य मामलों में अपनाई गई अपनी पिछली स्थिति के अनुरूप, SRA को जमा राशि की वापसी (Restitution) के लिए सहमति व्यक्त की।
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शर्त: यह सहमति इस शर्त पर दी गई थी कि SRA का संबंध पूर्ववर्ती प्रबंधन या POC के लाभार्थियों से नहीं होना चाहिए।
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न्यायालय का आदेश: माननीय सुप्रीम कोर्ट ने PMLA की धारा 8(8) के तहत ₹520.80 करोड़ की जमा राशि (संचित ब्याज सहित) SRA को बहाल करने का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने इस महत्वपूर्ण निर्णय में ED के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा: “हम न्याय के हितों को सुरक्षित करने के लिए कुर्क की गई संपत्तियों को बहाल करने में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों द्वारा किए गए गंभीर प्रयासों की सराहना करते हैं।”
ED अपराध की आय को जब्त करने और मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों में शामिल लोगों पर मुकदमा चलाने के साथ-साथ PMLA की धारा 8(8) के अनुसार वास्तविक हितधारकों को संपत्ति की बहाली सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

