पुस्तक मेले पर सीएम योगी का बड़ा संदेश
पुस्तक मेला केवल किताबों का बाजार नहीं, विचार और प्रेरणा का महासंगम: सीएम योगी आदित्यनाथ
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में आयोजित हो रहे पुस्तक मेलों के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे साहित्य, विचार और जन-चेतना का एक अनुपम मंच बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तक मेले केवल किताबों की बिक्री के केंद्र नहीं हैं, बल्कि यह पाठकों और चिंतकों को देश-दुनिया के महान लेखकों, विचारकों और महापुरुषों के बौद्धिक संसार से सीधे जोड़ने का एक अमूल्य अवसर प्रदान करते हैं।
लेखकों से सीधा संवाद और अभिव्यक्ति की समझ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुस्तक मेले के वैचारिक पक्ष पर जोर देते हुए कहा:
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नई कृतियों का विमोचन: पुस्तक मेलों के माध्यम से विभिन्न विषयों की उत्कृष्ट नई पुस्तकों का विमोचन होता है, जिससे पाठकों को समकालीन और प्राचीन ज्ञान-विज्ञान से जुड़ने का मौका मिलता है।
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लेखकों से मिलने का अवसर: पाठकों को अपने पसंदीदा लेखकों को करीब से जानने, उनके साथ बैठने, संवाद करने और उनकी वैचारिक अभिव्यक्ति को गहराई से समझने का सीधा अवसर प्राप्त होता है।
आत्मकथाओं (Autobiographies) के जरिए महापुरुषों की जीवन यात्रा का ज्ञान
साहित्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आत्मकथाओं और जीवनी साहित्य के अध्ययन की प्रेरणा दी:
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संघर्ष और सफलता की सीख: विभिन्न लेखकों, समाज सुधारकों और राष्ट्र-निर्माता महापुरुषों की आत्मकथाओं (Autobiographies) के माध्यम से पाठकों को उनके जीवन के संघर्षों, सिद्धांतों और उपलब्धियों को समझने का अवसर मिलता है।
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युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन: महापुरुषों के जीवन प्रसंग और उनकी विचार यात्रा आज के युवाओं और विद्यार्थियों के लिए सही दिशा चुनने और समाज निर्माण में योगदान देने के लिए एक मार्गदर्शक का काम करती है।
पुस्तक मेले समाज में अध्ययन संस्कृति (Reading Culture) को बढ़ावा देने और ज्ञान आधारित समाज के निर्माण में एक मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)
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