बरेली: ₹25 लाख की अफीम बरामद
₹25 लाख की अवैध अफीम के साथ शातिर तस्कर गिरफ्तार, STF बरेली यूनिट की बड़ी कामयाबी
बरेली/लखनऊ: उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (STF) की फील्ड इकाई बरेली ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी कर एक शातिर तस्कर को भारी मात्रा में अवैध अफीम और तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे ऑटो के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तारी और बरामदगी का विवरण
यह कामयाबी 28 जून 2026 को शाम करीब 16:10 बजे बरेली के थाना हाफिजगंज क्षेत्र के अंतर्गत मिली।
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गिरफ्तारी का स्थान: रिठौरा टोल प्लाजा से लगभग 150 मीटर आगे पीलीभीत की तरफ।
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बरामद सामग्री:
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02 किलोग्राम अवैध अफीम: इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग ₹25 लाख आंकी गई है।
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01 अदद ऑटो: (नंबर यू०पी०-25-एफ0टी0-9378), जिसका उपयोग अफीम की तस्करी और सप्लाई के लिए किया जा रहा था।
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अन्य वस्तुएं: 01 मोबाइल फोन, 01 एटीएम कार्ड और 01 आधार कार्ड。
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गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान
पकड़े गए तस्कर की पहचान राजेश कुमार (पुत्र बांकेलाल) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से वार्ड नं0-1, मकान नं0-77, शिव मंदिर वाली गली, करेली, थाना सुभाष नगर, जनपद बरेली का निवासी है।
सटीक सूचना पर एसटीएफ ने ऐसे कसा शिकंजा
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एसटीएफ द्वारा लगातार अभिसूचना संकलन (खुफिया जानकारी) की कार्रवाई की जा रही थी। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) श्री अब्दुल कादिर, एसटीएफ फील्ड इकाई बरेली के पर्यवेक्षण में टीम को एक पुख्ता इनपुट मिला कि गिरोह का एक सदस्य बरेली से पीलीभीत की तरफ रिठौरा टोल प्लाजा के पास अफीम की खेप लेकर आने वाला है।
इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उपनिरीक्षक (SI) अजीत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें मुख्य आरक्षी गिरिजेश पोसवाल, शिवओम पाठक, सुनित कुमार, दिलीप कुमार, संजय यादव और आरक्षी चालक अतुल कुमार शामिल थे। टीम ने मुखबिर की सटीक निशानदेही पर घेराबंदी कर टोल प्लाजा के पास से अभियुक्त राजेश कुमार को ऑटो सहित दबोच लिया।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा: झारखंड से जुड़ा है नेटवर्क
एसटीएफ की पूछताछ में अभियुक्त राजेश कुमार ने अपने पूरे नेटवर्क और काम करने के तरीके को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:
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झारखंड से आती थी खेप: अभियुक्त ने कुबूल किया कि वह अफीम की यह खेप झारखंड राज्य से मंगवाता है।
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कई राज्यों और जिलों में सप्लाई: इस अफीम को वह पीलीभीत, शाहजहांपुर और पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में चलते-फिरते ग्राहकों को ऊंचे दामों पर बेचता था।
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तस्करी के लिए खरीदा ऑटो: राजेश ने बताया कि अफीम की यह अवैध बिक्री ही उसकी कमाई का मुख्य जरिया है और पुलिस की नजरों से बचकर आसानी से अफीम सप्लाई करने के लिए ही उसने यह ऑटो खरीदा था।
पंजीकृत अभियोग व कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तार किए गए अभियुक्त राजेश कुमार के खिलाफ थाना हाफिजगंज, जनपद बरेली में मु0अ0सं0- 357/2026 के तहत एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 8/28/29 और 207 मोटर वाहन (MV) एक्ट के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। आरोपी को जेल भेजने और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सप्लायरों का पता लगाने के लिए स्थानीय पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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