बरेली: शाही में चला कोर्ट का बुलडोजर
Bareilly: शाही में चला कोर्ट का बुलडोजर; 3 घंटे में जमींदोज हुई 4 दुकानें और मकान, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कब्जा मुक्त हुई जमीन
रिपोर्टर: रोहिताश कुमार, बरेली
बरेली News: उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद अंतर्गत शाही थाना क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद का बुधवार को ‘बुलडोजर इंसाफ’ के साथ पटाक्षेप हो गया। सिविल कोर्ट के आदेश पर मकड़ीखोए गांव में करीब एक बीघा भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को प्रशासन ने ढहा दिया। इस दौरान भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी ने किसी भी विरोध की संभावना को खत्म कर दिया।
दो बुलडोजर और तीन घंटे: अवैध निर्माण हुआ साफ
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे जैसे ही दो बुलडोजर मकड़ीखोए गांव पहुंचे, इलाके में हड़कंप मच गया। कोर्ट अमीन राकेश चंद्र की देखरेख में सड़क किनारे बनी चार दुकानों और उनके पीछे बने एक मकान को तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई। करीब तीन घंटे तक चले इस ऑपरेशन में अवैध निर्माण को पूरी तरह से मलबे में तब्दील कर दिया गया।
2023 से चल रही थी कानूनी जंग
मामला मिर्जापुर-धनेटा मार्ग पर स्थित बेशकीमती जमीन से जुड़ा है।
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वादी पक्ष: जसवंत सिंह, बनवारी लाल, सुखलाल और कुंवर सेन ने वर्ष 2023 में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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आरोप: हैदरगंज के छत्रपाल, लेखराज और डल्लो रानी व उनके पुत्र डॉ. दीपक कुमार पर जमीन पर जबरन कब्जा कर निर्माण करने का आरोप था।
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कोर्ट का फैसला: लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने 29 जुलाई 2025 को आदेश दिया था कि निर्माण हटाकर जमीन वादी पक्ष को सौंपी जाए। आदेश की अनदेखी करने पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए।
सुरक्षा का अभेद्य किला: 5 थानों की फोर्स तैनात
कार्रवाई की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। मौके पर पांच थानों की पुलिस के साथ एक कंपनी पीएसी (PAC) तैनात रही। कार्रवाई के दौरान आसपास के गांवों की भारी भीड़ जुट गई, जो छतों और सड़कों से बुलडोजर चलता देख रही थी।
वादी को मिला कब्जा, विवाद का अंत
ध्वस्तीकरण के बाद मौके से मलबा हटवाया गया और कोर्ट अमीन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए वादी जसवंत सिंह को जमीन का वास्तविक कब्जा दिला दिया। पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

