बागपत मुठभेड़: 50 हजार का इनामी ढेर
बागपत में यूपी STF का बड़ा एक्शन: 50 हजार का इनामी कुख्यात शूटर विपुल उर्फ ‘खूनी’ मुठभेड़ में ढेर, सुशील मूंछ गैंग से था जुड़ा
विशेष प्रादेशिक एवं अपराध ब्यूरो: बागपत / मेरठ
उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ जारी मुहिम के तहत एसटीएफ (UP STF) और बागपत पुलिस की संयुक्त टीम को एक बड़ी कामयाबी मिली है। शनिवार शाम बागपत जिले के सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र में हुई एक भीषण मुठभेड़ के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कुख्यात सुपारी किलर और 50,000 रुपये का इनामी बदमाश विपुल उर्फ ‘खूनी’ गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस टीम उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विपुल उर्फ ‘खूनी’ कुख्यात सुशील मूंछ गिरोह का सक्रिय सदस्य और शार्प शूटर था, जिस पर दिल्ली और यूपी में हत्या, लूट और डकैती के 38 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
बागपत मुठभेड़ और स्थल का ब्योरा
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स्थान: सिंचाई विभाग का डाक बंगला (पीछे का रास्ता), थाना सिंघावली अहीर, जनपद बागपत।
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दिनांक व समय: 25 जुलाई 2026, समय लगभग शाम 5:50 से 6:00 बजे के बीच।
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मृतक अभियुक्त: विपुल उर्फ ‘खूनी’ पुत्र नेत्रपाल सिंह (निवासी: ग्राम भभीसा, थाना कांधला, जनपद शामली)।
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बरामदगी: 02 अदद 32 बोर पिस्टल, भारी मात्रा में खोखा व कारतूस, और 01 अपाचे मोटरसाइकिल।
घेराबंदी के दौरान की अंधाधुंध फायरिंग
एसटीएफ फील्ड इकाई मेरठ के अपर पुलिस अधीक्षक श्री बृजेश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में उपनिरीक्षक अरुण कुमार निगम व प्रमोद कुमार की टीम बागपत क्षेत्र में भ्रमणशील थी।
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सटीक सूचना: पुलिस को मुखबिर से खबर मिली कि कांधला थाने में 50,000 रुपये का इनामी फरार बदमाश विपुल किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से अपने साथी के साथ डाक बंगले के पास मोटरसाइकिल लिए खड़ा है।
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जवाबी कार्रवाई: पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने जब उसे सरेंडर करने को कहा, तो उसने और उसके साथी ने अचानक पिस्टल निकालकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
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आत्मरक्षार्थ फायरिंग: एसटीएफ टीम ने अदम्य साहस दिखाते हुए आत्मरक्षार्थ नियंत्रित फायरिंग की, जिसमें विपुल गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला।
जेल से शुरू हुआ जुर्म का सफर, महिला प्रधान समेत कई हत्याएं कीं
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विपुल 2005 में पहली बार जेल गया था जहां वह सुशील मूंछ और वरवाला गैंग के संपर्क में आया। इसके बाद उसने अपराध को ही अपना पेशा बना लिया।
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चर्चित भीम भभीसा हत्याकांड (2014): कांधला के आलम गांव में अपने परिचित महिला मित्र के घर बुलवाकर भीम भभीसा की लोहे की रोड से मार-मारकर हत्या कर दी थी।
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महिला प्रधान की निर्मम हत्या (2017): सहारनपुर के गंगोह (मानपुर) में गाड़ी लूटने के बाद पुलिस मुखबिरी के शक में महिला प्रधान की घर में घुसकर हत्या कर दी थी।
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कोर्ट में पैरवी रोकने की धमकी: पवन हत्याकांड मामले में जमानत पर आने के बाद वह कोर्ट नहीं जा रहा था और वादी से केस का खर्चा मांगकर जान से मारने की धमकियां दे रहा था (जिसमें उस पर 50 हजार का इनाम घोषित हुआ था)।
इस मुठभेड़ के संबंध में थाना सिंघावली अहीर पर BNS धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला पंजीकृत कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
प्रादेशिक एवं अपराध ब्यूरो: बागपत / मेरठ
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
ALL rights magazine (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)
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