32nd एवेन्यू घोटाला: ED की बड़ी कार्रवाई

32nd एवेन्यू ग्रुप पोंजी-स्टाइल फ्रॉड: ED ने 71.60 करोड़ रुपये की 114 संपत्तियां कीं कुर्क

नई दिल्ली/गुरुग्राम – प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुख्यालय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत 32nd एवेन्यू ग्रुप (32nd Avenue Group) मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 71.60 करोड़ रुपये की संपत्तियों को प्रोविज़नल रूप से कुर्क (Attach) कर लिया है।

यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस और गुरुग्राम पुलिस द्वारा 32nd एवेन्यू ग्रुप, इसके प्रमोटर-डायरेक्टरों अनुभव शर्मा, ध्रुव शर्मा और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और आपराधिक साजिश के तहत दर्ज एफआईआर (FIRs) के आधार पर शुरू की गई थी।

ठगी का फर्जी मॉडल: एक ही कमर्शियल स्पेस multiple लोगों को बेचा

ED की जांच में निवेशकों को ठगने के एक सुव्यवस्थित और संगठित तरीके (Modus Operandi) का पर्दाफाश हुआ है:

  • झूठे लुभावने वादे: निवेशकों को एश्योर्ड लॉन्ग-टर्म लीज (Assured Leases), फिक्स्ड रेंटल इनकम, बाय-बैक गारंटी और समय-समय पर रिटर्न बढ़ाने का लालच देकर कमर्शियल यूनिट्स खरीदने के लिए आकर्षित किया गया।

  • लेआउट और यूनिट नंबर बदलकर धोखाधड़ी: कई मामलों में पज़ेशन नहीं दिया गया या कब्जा वापस ले लिया गया। एक ही कमर्शियल स्पेस को यूनिट नंबर, एरिया और लेआउट में हेरफेर करके कई अलग-अलग लोगों को बेचा या लीज पर दिया गया

  • फर्जी दस्तावेज: मूल कमर्शियल यूनिट्स को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर फर्जी/कूटरचित सेल और कन्वेयरेंस डॉक्यूमेंट्स के जरिए तीसरे पक्षों को ट्रांसफर कर दिया गया।

  • रेंटल और TDS में हेराफेरी: शुरुआती दौर में कुछ समय तक रेंट दिया गया ताकि झांसा बना रहे, जिसे बाद में बंद कर दिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि किराए से टीडीएस (TDS) तो काटा गया, लेकिन उसे आयकर विभाग में जमा नहीं कराया गया।

50 से अधिक शेल कंपनियों से फंड की लेयरिंग, गोवा और महाराष्ट्र में खरीदी संपत्तियां

निवेशकों से जुटाए गए पैसों को 50 से अधिक फर्जी कंपनियों और एलएलपी (LLPs) के नेटवर्क के माध्यम से रूट और लेयर किया गया। इनमें से कई कंपनियां एक ही पते पर या बंद पड़े पतों पर संचालित थीं। 32nd एवेन्यू व उससे जुड़ी परियोजनाओं से प्राप्त फंड का इस्तेमाल गोवा और महाराष्ट्र में संपत्तियां खरीदने में किया गया।

जब्त की गई संपत्तियों का ब्योरा:

  1. 76 अचल संपत्तियां (Immovable Properties): गुरुग्राम में कमर्शियल यूनिट्स के साथ-साथ गोवा और महाराष्ट्र में जमीन/संपत्तियां शामिल हैं।

  2. 38 चल संपत्तियां (Movable Properties): कई बैंक खातों में जमा बैलेंस और एक इनलैंड वेसल (आंतरिक जलपोत) शामिल हैं।

प्रमोटर्स जेल में, आगे की जांच जारी

इससे पूर्व, ED ने 13 अप्रैल 2026 और 14 अप्रैल 2026 को दिल्ली-एनसीआर, गोवा, जयपुर और मुंबई के 7 परिसरों में सर्च ऑपरेशन चलाया था।

मामले के मुख्य आरोपी अनुभव शर्मा, ध्रुव शर्मा, ममता शर्मा और शीरीन शर्मा वर्तमान में पुलिस द्वारा दर्ज मूल आपराधिक मामले (Predicate Case) के तहत न्यायिक हिरासत में हैं। ED द्वारा मामले की आगे की जांच जारी है।


गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)


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