UCO बैंक घोटाले में 3 दोषियों को जेल
बैंक धोखाधड़ी मामले में CBI कोर्ट का बड़ा फैसला: यूको बैंक घोटाले के 3 दोषियों को 4-4 साल की जेल और जुर्माना
नई दिल्ली – दिल्ली स्थित विशेष सीबीआई (CBI) अदालत ने यूको बैंक (UCO Bank) से जुड़े धोखाधड़ी के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों—अमित चतुर्वेदी, संजय चतुर्वेदी और प्रवीण जुनेजा को चार-चार साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने तीनों दोषियों पर 3.5-3.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे 7 करोड़ का लोन और धोखाधड़ी
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने प्रारंभिक पूछताछ के बाद 8 अप्रैल 2009 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
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आपराधिक साजिश: आरोपियों ने आपस में मिलकर यूको बैंक से 7 करोड़ रुपये का रूपी टर्म लोन (Rupee Term Loan) स्वीकृत कराया।
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फर्जी दस्तावेज: लोन प्राप्त करने के लिए बैंक के समक्ष झूठी जानकारियां और कूटरचित/फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
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फंड की हेराफेरी: जिस उद्देश्य के लिए लोन की राशि मंजूर की गई थी, उसमें इस्तेमाल करने के बजाय आरोपियों ने रकम को अन्य कार्यों में ट्रांसफर कर बैंक के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की।
तीसरी बार दोषी करार: CBI की प्रभावी पैरवी
सीबीआई द्वारा गहन जांच पूरी करने के बाद 1 जून 2010 को अदालत के समक्ष आरोप पत्र (Chargesheet) दाखिल किया गया था। लंबे ट्रायल के बाद अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी माना।
इस फैसले का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि सीबीआई द्वारा जांच और पैरवी किए गए बैंक धोखाधड़ी के मामलों में अमित चतुर्वेदी, संजय चतुर्वेदी और प्रवीण जुनेजा की यह लगातार तीसरी सजा (Conviction) है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

