प्लेन के वॉशरूम में क्यों होती है ऐशट्रे? जानें बैन के बावजूद लगी होने की मुख्य वजह

“प्लेन में स्मोकिंग बैन, फिर भी वॉशरूम में क्यों होती है ऐशट्रे? जानें सुरक्षा से जुड़ा हैरान करने वाला नियम”

नई दिल्ली: हवाई जहाज (Aeroplane) में सफर करते समय सुरक्षा और अनुशासन से जुड़े कई कड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। इन्हीं में से एक बेहद सख्त नियम है— ‘नो स्मोकिंग रूल’ (No Smoking Rule)। प्लेन के अंदर सिगरेट पीना या किसी भी प्रकार का धूम्रपान करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इसके लिए भारी जुर्माना और जेल तक की सजा हो सकती है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब दुनिया भर की एयरलाइंस में स्मोकिंग पूरी तरह प्रतिबंधित (Ban) है, तो फिर भी हवाई जहाज के वॉशरूम (Washroom/Lavatory) के दरवाजे पर ऐशट्रे (Ashtray) क्यों लगी होती है? आइए जानते हैं इसके पीछे की मुख्य वजह और अंतर्राष्ट्रीय एविएशन नियमों का रहस्य।

1. नियमों के उल्लंघन की स्थिति में सुरक्षा (Safety Over Compliance)

अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) और अमरीकी एविएशन रेगुलेटर FAA (Federal Aviation Administration) के सुरक्षा मानकों के अनुसार, ऐशट्रे का होना अनिवार्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा है:

  • मानवीय भूल और जोखिम का आकलन: एयरलाइंस यह भली-भांति जानती हैं कि सख्त प्रतिबंधों और जुर्माने के बावजूद कुछ यात्री नियम तोड़कर वॉशरूम में छिपकर सिगरेट पीने का दुस्साहस कर सकते हैं।

  • आग के बड़े खतरे को टालना: यदि कोई यात्री वॉशरूम में सिगरेट पीता है और बुझी हुई सिगरेट को डस्टबिन (जिसमें कागज, नैपकिन आदि ज्वलनशील सामग्री होती है) में फेंक दे, तो पूरे विमान में भयानक आग लग सकती है। इस बड़े हादसे को रोकने के लिए वॉशरूम में ऐशट्रे दी जाती है, ताकि सिगरेट को सुरक्षित रूप से बुझाया जा सके।

2. 1973 का भयानक विमान हादसा (Varig Flight 820)

वॉशरूम में ऐशट्रे लगाने के कड़े नियम के पीछे एक ऐतिहासिक और दुखद घटना जुड़ी हुई है:

  • 117 लोगों की गई थी जान: 11 जुलाई 1973 को ‘वैरिग फ्लाइट 820’ (Varig Flight 820) पेरिस के करीब क्रैश हो गई थी। जांच में पाया गया कि वॉशरूम के डस्टबिन में जलती हुई सिगरेट फेंकने के कारण आग लगी थी और धुएं की वजह से 117 यात्रियों की दम घुटने से मौत हो गई थी।

  • कानूनी रूप से अनिवार्य नियम: इस हादसे के बाद दुनिया भर की एविएशन अथॉरिटीज ने यह नियम अनिवार्य कर दिया कि हर प्लेन के वॉशरूम में ऐशट्रे होना ‘मैंडेटरी मिनिमम इक्विपमेंट लिस्ट’ (MEL) का हिस्सा रहेगा।

3. ऐशट्रे के बिना प्लेन नहीं भर सकता उड़ान

अंतर्राष्ट्रीय हवाई नियमों के मुताबिक:

  • नो-फ्लाई लिस्ट का हिस्सा: यदि किसी विमान के वॉशरूम की ऐशट्रे खराब है या टूटी हुई है, तो उसे उड़ान भरने की अनुमति (Clearance) तब तक नहीं मिलती जब तक कि उसे 10 दिनों के भीतर बदल न दिया जाए।

  • सुरक्षा मानक प्रथम: एयरलाइंस यह जोखिम कतई नहीं उठा सकतीं कि कोई गैर-जिम्मेदार यात्री सिगरेट की चिंगारी से पूरे प्लेन की सुरक्षा खतरे में डाल दे।

संक्षेप में कहें तो, वॉशरूम में लगी ऐशट्रे यात्रियों को स्मोकिंग के लिए बढ़ावा देने के लिए नहीं, बल्कि नियम तोड़ने वाले यात्रियों के कारण पैदा होने वाले किसी बड़े संभावित खतरे और आग की दुर्घटना को रोकने के लिए बनाई गई एक ‘इमरजेंसी सेफ्टी डिवाइस’ है।

‘ऑल राइट्स मैगजीन’ एविएशन, साइंस और लाइफस्टाइल से जुड़े ऐसे ही रोचक व ज्ञानवर्धक विषयों पर रिपोर्टिंग जारी रखेगी।

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