पीएम मोदी धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर आंदोलन खत्म क्यों नहीं करना चाहते
जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन और राहुल गांधी का प्रदर्शन: दिल्ली में सियासी घमासान तेज, पुलिस ने दर्ज कीं 4 FIR
राजधानी नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर छात्रों के उग्र प्रदर्शन, संसद मार्च और प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए हंगामे के बाद सियासी पारा चरम पर पहुँच गया है। छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई, धर्मेंद्र प्रधान व गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग और संसद में बहस को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तीखी हो गई है।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को हुए संसद चलो मार्च के दौरान हुई हिंसा, तोड़फोड़ और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं, जबकि 2 अन्य मामले दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
राहुल गांधी की मांगें और हिरासत की कार्रवाई
मंगलवार को कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपने समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़े, जहाँ भारी पुलिस बल ने उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया। राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए तीन प्रमुख मांगें रखीं:
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इस्तीफे की मांग: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दें।
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केस वापसी और कार्रवाई: प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं और मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों/कर्मियों पर कानूनी कार्रवाई हो।
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संसद में बहस: विपक्ष नीट पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में चर्चा चाहता है।

सादी वर्दी में नजर आए लोगों पर दिल्ली पुलिस का स्पष्टीकरण
प्रदर्शन के दौरान लाठियां लिए सादी वर्दी में दिखे संदिग्ध व्यक्तियों को लेकर उठ रहे सवालों पर दिल्ली पुलिस सूत्रों ने स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के बड़े पैमाने को देखते हुए ‘स्पेशल स्टाफ’ (Special Staff) के जवानों को भी तैनात किया गया था। स्पेशल स्टाफ के जवान अपनी कार्यप्रणाली के तहत सादी वर्दी में तैनात रहते हैं।
दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग, कनॉट प्लेस सहित अन्य थानों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), शस्त्र कानून और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं (जैसे लोक सेवक पर हमला, दंगा, और आपराधिक साजिश) के तहत मामले दर्ज किए हैं।
“छात्रों को राजनीतिक ढाल बना रहे राहुल गांधी”: धर्मेंद्र प्रधान
कांग्रेस और विपक्षी दलों के आरोपों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पलटवार करते हुए सोशल मीडिया पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संसद के मानसून सत्र में अव्यवस्था फैलाने के लिए छात्रों का राजनीतिक हथियार के तौर पर बेशर्मी से इस्तेमाल कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर जनता को असुविधा पहुँचाई गई और सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन किया गया है।
- (गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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