दिल्ली प्रदर्शन: एक्सपायर्ड टियर गैस का दावा
जंतर-मंतर प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस पर एक्सपायर्ड टियर गैस इस्तेमाल करने का आरोप; शेल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए छात्र आंदोलन और ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक प्रदर्शनकारी दिल्ली पुलिस पर एक्सपायर्ड (समयसीमा समाप्त) टियर गैस (आंसू गैस) के शेल का इस्तेमाल करने का आरोप लगा रहा है।
वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी हाथ में इस्तेमाल किया गया आंसू गैस का शेल दिखाकर दावा कर रहा है कि सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शन दबाने के लिए एक्सपायर हो चुके आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया गया।
वायरल वीडियो और शेल पर दर्ज तिथियां
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए इस वीडियो के कैप्शंस और विजुअल्स के अनुसार:
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एक्सपायरी डेट का दावा: शेल पर लगी लेबलिंग में निर्माण तिथि 12/22 (दिसंबर 2022) और एक्सपायरी तिथि 12/25 (दिसंबर 2025) साफ तौर पर देखी जा सकती है।
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प्रदर्शनकारी का बयान: वीडियो में प्रदर्शनकारी तंज कसते हुए कहता दिख रहा है— “कम से कम टियर गैस तो बिना एक्सपायर वाली ले आते!”
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स्वास्थ्य और सुरक्षा पर सवाल: जानकारों और प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक्सपायर्ड आंसू गैस के शेल से निकलने वाला धुआं अधिक जहरीला और अनियंत्रित हो सकता है, जिससे त्वचा और आंखों में गंभीर जलन व सांस लेने में अत्यधिक समस्या हो सकती है।
पुलिस कार्रवाई और पहले से जारी विवाद
20 जुलाई को जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में हुए उग्र प्रदर्शन के बाद से ही स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है:
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पहले से दर्ज हैं 4 FIR: दिल्ली पुलिस संसद मार्ग और कनॉट प्लेस थानों में दंगा, सरकारी काम में बाधा डालने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं के तहत 4 प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर चुकी है।
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सादी वर्दी में जवानों की मौजूदगी: इससे पहले प्रदर्शन के दौरान सादी वर्दी में लाठी लिए नजर आए लोगों पर उठे सवालों के बाद दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया था कि भीड़ नियंत्रण के लिए ‘स्पेशल स्टाफ’ (Special Staff) के जवानों को तैनात किया गया था।
फिलहाल इस वायरल वीडियो और एक्सपायर्ड टियर गैस शेल के दावों पर दिल्ली पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी जारी नहीं की गई है।
- (गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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