मथुरा: प्रार्थना पत्र की रसीद न देने पर सवाल

मथुरा: प्रार्थना पत्र देने पर ‘रसीद’ मांगने पर पुलिस का इनकार, फरियादियों ने उठाई आवाज

मथुरा: न्याय की आस में थाने और पुलिस चौकियों के चक्कर काट रहे पीड़ितों के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं की अनदेखी एक नई समस्या बनती जा रही है। मथुरा जनपद में पुलिस विभाग द्वारा शिकायतकर्ताओं से प्रार्थना पत्र स्वीकार करने के बाद उसकी आधिकारिक प्राप्ति (रसीद/अकनॉलेजमेंट) न दिए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने दिए गए प्रार्थना पत्र की लिखित रसीद मांगी, तो मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया।

‘बिना रसीद न दें प्रार्थना पत्र’: नागरिकों की अपील मामला सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों और शिकायतकर्ताओं ने पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए साथी फरियादियों से सतर्क रहने की अपील की है:

  • पारदर्शिता का अभाव: पीड़ितों का कहना है कि जब तक पुलिस विभाग द्वारा प्रार्थना पत्र पर मुहर या रसीद (Receiving) नहीं दी जाती, तब तक शिकायत दर्ज होने या उस पर कार्रवाई शुरू होने का कोई पुख्ता प्रमाण फरियादी के पास नहीं रहता।

  • कार्रवाई में टालमटोल की आशंका: बिना प्राप्ति रसीद के कई बार शिकायतों को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है या भविष्य में किसी भी सवाल का जवाब देने से पुलिस बच निकलती है। इसी के चलते नागरिकों ने सख्त रुख अपनाते हुए आह्वान किया है कि जब तक रसीद न मिले, कोई भी व्यक्ति अपना प्रार्थना पत्र पुलिस को न सौंपे।

क्या कहता है पुलिस नियम-कानून? प्रशासनिक और कानूनी जानकारों के अनुसार, किसी भी पुलिस थाने या कार्यालय में दी गई शिकायत पर रिसीविंग देना कानूनन अनिवार्य है:

  • ऑनलाइन/जनसुनवाई विकल्प: यदि स्थानीय पुलिस स्तर पर प्रार्थना पत्र स्वीकार कर रसीद देने से मना किया जाता है, तो पीड़ित उत्तर प्रदेश पुलिस के आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल, यूपीकॉप (UPCOP) ऐप अथवा रजिस्टर्ड डाक (Speed Post) के माध्यम से अपनी शिकायत भेज सकते हैं।

  • वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत: रसीद न देने वाले पुलिसकर्मियों की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) या क्षेत्रीय क्षेत्राधिकारी (CO) से की जा सकती है।

इस घटना के बाद मथुरा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मामले का संज्ञान लेकर थानों में पारदर्शी जनसुनवाई और रसीद प्रणाली लागू कराने की उम्मीद की जा रही है।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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