चित्रकूट में बाढ़ पीड़ितों के जख्मों पर मरहम
चित्रकूट में बाढ़ पीड़ितों के जख्मों पर मरहम: सीएम योगी ने 800 परिवारों को बांटी राहत सामग्री, आश्रयहीनों को दिए भूमि आवंटन प्रमाण पत्र
‘राहत, संवेदना और तत्परता’ का प्रशासनिक मॉडल चित्रकूट में आयोजित राहत वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का पूरा ध्यान पीड़ितों के तुरंत पुनर्वास और सहायता पर केंद्रित रहा:
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आश्रयहीनों को भूमि आवंटन: जिन परिवारों के मकान बाढ़ के तेज बहाव में पूरी तरह बह गए या नष्ट हो गए थे, उन्हें मुख्यमंत्री ने स्वयं भूमि आवंटन के प्रमाण पत्र सौंपे ताकि वे सुरक्षित स्थानों पर अपने नए आशियाने बना सकें।
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राहत राशि और मुआवजा वितरण: प्राकृतिक आपदा में आर्थिक नुकसान झेलने वाले ग्रामीणों को राहत राशि के चेक प्रदान किए गए, जिससे वे तुरंत अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा कर सकें।
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800 परिवारों को खाद्यान्न किट: शिविर में मौजूद 800 प्रभावित परिवारों को सूखा राशन, तिरपाल, जीवनरक्षक दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्रियां वितरित की गईं।
‘हर पीड़ित को सुरक्षित आशियाना देना सरकार की प्राथमिकता’: मुख्यमंत्री कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा से हुए हर नुकसान की भरपाई सरकार करेगी:
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स्थायी पुनर्वास की योजना: सीएम योगी ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि जिन लोगों को भूमि आवंटित की गई है, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
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24×7 निगरानी के आदेश: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक बीमारियों से बचाव हेतु सैनिटाइजेशन, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और स्वास्थ्य कैंपों का संचालन लगातार जारी रखने के सख्त निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस त्वरित पहल, संवेदना और जमीनी तत्परता से चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित परिवारों को संकट के इस कठिन समय में नया हौसला और सहारा मिला है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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