हम इस देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ रहे हैं, राहुल गांधी
हम इस देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ रहे हैं। नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार – इन लोगों ने देश के लोकतंत्र को खत्म कर दिया है। इन्होंने देश को वोट चोरी से हाईजैक किया है। मेरे देश के खिलाफ जो किया गया है, वह देशद्रोह है। जो लोग भी इसमें शामिल हैं, कोई भी बचेगा नहीं। इन सबके खिलाफ कार्रवाई होगी।
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और ‘इंडिया’ गठबंधन के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिए गए बयान का मुख्य अंश है।
विपक्ष (राहुल गांधी) का रुख: राहुल गांधी का आरोप है कि देश की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और मतदाता सूचियों में हेरफेर कर जनमत को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने शीर्ष राजनीतिक व वैचारिक नेतृत्व और निर्वाचन आयोग पर सांठगांठ का आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र और संविधान पर हमला करार दिया है और जवाबदेही तय करने की मांग की है।
सड़क से संसद तक विरोध: इस बयान के साथ ही ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च निकाला, जहां पुलिस बैरिकेडिंग के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं के साथ राहुल गांधी ने धरना दिया और बाद में हिरासत में लिए गए।
भारतीय जनता पार्टी (सत्तापक्ष) का पलटवार: भाजपा नेताओं और सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि विपक्ष अपनी लगातार चुनावी हार और राजनीतिक जमीन खिसकने से बौखलाहट में है। सत्तापक्ष का तर्क है कि भारत की संवैधानिक संस्थाएं पूर्णतः स्वतंत्र और पारदर्शी हैं, और विपक्ष निष्पक्ष चुनाव आयोग व संवैधानिक पदों की गरिमा को ठेस पहुँचाने की राजनीति कर रहा है।
संवैधानिक व कानूनी स्थिति: चुनाव आयोग ने सभी आरोपों का खंडन करते हुए प्रक्रियाओं को नियमानुकूल बताया है, वहीं मामला अदालत के विचाराधीन भी है जहां निष्पक्ष जांच और संवैधानिक दायरे के तहत सुनवाई की प्रक्रिया जारी है।
