ज्ञानेश सिर्फ झांकी है, मोदी शाह बाकी है
विपक्ष का दृष्टिकोण: विपक्षी दलों का आरोप है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार अकेले काम नहीं कर रहे हैं, बल्कि शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के इशारे पर चुनाव प्रक्रियाओं और मतदाता सूचियों में बदलाव किए जा रहे हैं। इसीलिए विपक्ष इसे केवल एक अधिकारी तक सीमित न मानकर सीधे सरकार की जवाबदेही का मुद्दा बना रहा है।
विरोध का दायरा: संसद मार्ग पर विरोध प्रदर्शन, बैरिकेडिंग पर धरने और गिरफ्तारी के दौरान विपक्षी नेताओं (राहुल गांधी, प्रियंका गांधी आदि) ने इस नारे का इस्तेमाल करते हुए संदेश दिया कि उनका संघर्ष केवल चुनाव आयोग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरी व्यवस्था और शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ एक व्यापक राजनीतिक लड़ाई है।
सत्तापक्ष (भाजपा) का पक्ष: भारतीय जनता पार्टी और सरकार के नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था है। विपक्ष अपनी चुनावी हार की बौखलाहट और संवैधानिक ढाँचे को कमजोर करने की नीयत से संस्थाओं और देश के नेतृत्व पर निराधार आरोप लगा रहा है।
