विक्रम सिंह हत्याकांड: अमित शाह से जवाब तलब

मणिपुर के संगीतकार हत्या मामला: गृह मंत्री अमित शाह से जवाब तलब, ‘पूर्वोत्तर नागरिकों की सुरक्षा पर उठे सवाल’

नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के किलोकरी क्षेत्र में मणिपुर के प्रसिद्ध संगीतकार और शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह की निर्मम हत्या ने राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था और पूर्वोत्तर (North-East) के नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए राजनीतिक हलकों और पूर्वोत्तर छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय को आड़े हाथों लिया है। विपक्ष ने सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगते हुए कहा है कि दिल्ली पुलिस सीधे केंद्र के अधीन आती है, ऐसे में पूर्वोत्तर के नागरिकों को सुरक्षित माहौल देने के लिए सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं।

‘अपनी ही राजधानी में पहचान के कारण असुरक्षा स्वीकार्य नहीं’ राजधानी में पूर्वोत्तर के भाई-बहनों के खिलाफ बढ़ती हिंसा और भेदभाव की घटनाओं पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है:

  • व्यवस्था की विफलता पर प्रहार: विपक्षी प्रवक्ताओं का कहना है कि यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि देश की राजधानी की पूरी प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान है।

  • कार्रवाई की खानापूर्ति बंद हो: हर घटना के बाद बयानबाजी और गिरफ्तारी के बाद मामला ठंडा पड़ जाने की परिपाटी पर सवाल उठाते हुए मांग की गई है कि दिल्ली को ऐसी संवेदनशील व्यवस्था चाहिए जो अगली वारदात होने से पहले जागे, बाद में नहीं।

  • न्याय की स्पष्ट मांग: चोंगथम विक्रम सिंह जी के परिवार को सिर्फ औपचारिक संवेदना नहीं, बल्कि त्वरित और अनुकरणीय न्याय (Justice) मिलना चाहिए।

किलोकरी में शोर का विरोध करने पर हुआ था जानलेवा हमला घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है:

  • वारदात की पृष्ठभूमि: 55 वर्षीय संगीतकार विक्रम सिंह देर रात अपने घर के बाहर हो रहे शोर-शराबे का विरोध करने नीचे उतरे थे, जहाँ आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और घर तक पीछा कर जानलेवा हमला कर दिया।

  • पुलिस की कार्रवाई: दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी और तकनीकी जांच के आधार पर मामले में 7 वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है।

पूर्वोत्तर समुदाय के छात्रों और विभिन्न नागरिक संगठनों ने दिल्ली में पूर्वोत्तर निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गश्त बढ़ाने और कड़े कानूनी प्रावधान लागू करने की मांग दोहराई है।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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