पंजाब: नशे की होम डिलीवरी पर घिरी AAP सरकार

पंजाब में ‘ड्रग होम डिलीवरी’ विवाद पर गरमाई सियासत: विपक्षी दलों का AAP सरकार पर तीखा हमला

चंडीगढ़/अमृतसर: पंजाब में नशे के कारोबार और इसकी आसान उपलब्धता को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार विरोधी दलों के निशाने पर आ गई है। बठिंडा, तरनतारन और संगरूर सहित विभिन्न ग्रामीण इलाकों से सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और स्थानीय ग्रामीणों के आरोपों के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि ‘रंगला पंजाब’ और ‘ड्रग-फ्री पंजाब’ का दावा करने वाली भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में नशीले पदार्थों (चिट्टा) की होम डिलीवरी डोर-स्टेप तक पहुंच गई है।

‘खाने से भी तेज होम डिलीवरी’: विपक्ष का सरकार पर करारा प्रहार राज्य में नशे की खुलेआम बिक्री और नेटवर्क को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने सरकार को घेरा है:

  • त्वरित डिलीवरी का आरोप: विपक्षी नेताओं ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि राज्य के कई गांवों में खाद्य पदार्थों से भी कम समय में हेरोइन/चिट्टा की आपूर्ति हो रही है, जिससे पंजाब की युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।

  • सवालों के घेरे में दाावे: विपक्ष ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से सीधा सवाल पूछते हुए कहा है कि चुनाव के दौरान किए गए “ड्रग्स-फ्री पंजाब” के वादों का जमीनी हकीकत से कोई वास्ता नहीं दिख रहा है।

जनता का आक्रोश और हालिया घटनाएं संगरूर और बठिंडा इलाकों में सामने आईं हालिया घटनाओं ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर गरमा दिया है:

  • संगरूर मामला: दिड़बा क्षेत्र में एक ग्रामीण द्वारा वित्त मंत्री के समक्ष खुलेआम बिक रहे नशे की शिकायत उठाने और उसके बाद उत्पन्न हुए विवाद ने राज्य की कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े किए हैं।

  • बठिंडा में पुलिस का बड़ा सर्च ऑपरेशन: बठिंडा के संगत मंडी क्षेत्र में नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री का वीडियो सामने आने के बाद बठिंडा पुलिस की 20 टीमों और 220 से अधिक जवानों ने कई बस्तियों में सघन तलाशी अभियान (Search Operation) चलाया और संदिग्धों को हिरासत में लिया।

प्रशासनिक रुख और कार्रवाई बढ़ते सियासी दबाव और जन-आक्रोश के बीच पंजाब पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का दावा किया है:

  • सख्त पुलिस गश्त: पुलिस प्रशासन का कहना है कि वायरल वीडियो और शिकायतों का तुरंत संज्ञान लेते हुए कई क्षेत्रों में छापे मारे जा रहे हैं और नशीले पदार्थों की जब्ती की जा रही है।

  • कानूनी शिकंजा: सरकार का दावा है कि ‘वार ऑन ड्रग्स’ अभियान के तहत कई बड़े तस्करों की संपत्तियां कुर्क की गई हैं और पुलिस बल को किसी भी दोषी को न बख्शने के निर्देश दिए गए हैं।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच पंजाब में पैर पसारता नशे का यह जाल एक बार फिर राज्य की राजनीति और प्रशासनिक प्राथमिकताओं के केंद्र में आ गया है।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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