‘यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव 2026’ का आगाज

‘यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026’ का भव्य शुभारंभ: ‘यूपी टेक्स मित्रा’ पोर्टल लॉन्च, बुनकरों और गारमेंटिंग सेक्टर को बड़ी सौगात

लखनऊ: उत्तर प्रदेश को वैश्विक कपड़ा और वस्त्र उद्योग (Global Textile Hub) के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजधानी लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय ‘यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026’ का भव्य शुभारंभ किया गया। इस महत्वाकांक्षी आयोजन के दौरान प्रदेश के हथकरघा बुनकरों, वस्त्र उद्यमियों और युवाओं को सशक्त बनाने के लिए ‘यूपी टेक्स मित्रा’ (UP Tex Mitra) पोर्टल समेत कई नई योजनाओं का औपचारिक उद्घाटन किया गया।

‘यूपी टेक्स मित्रा’ और कौशल विकास योजनाओं की शुरुआत कॉन्क्लेव के दौरान वस्त्र उद्योग में डिजिटल पारदर्शिता, कौशल विकास और बुनकर कल्याण को बढ़ावा देने के लिए तीन प्रमुख पहलों की शुरुआत की गई:

  • ‘यूपी टेक्स मित्रा’ पोर्टल: उद्यमियों और बुनकरों को एक ही डिजिटल मंच पर सभी सरकारी सुविधाओं, स्वीकृतियों और योजनाओं का लाभ देने के लिए इस समर्पित पोर्टल का शुभारंभ हुआ।

  • हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना: पारंपरिक हथकरघा कारीगरों और बुनकरों के आर्थिक उन्नयन, आधुनिक तकनीकों के प्रावधान और उनके उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिए इस योजना को हरी झंडी दिखाई गई।

  • वस्त्र क्षेत्र प्रशिक्षण एवं कौशल विकास योजना: वस्त्र निर्माण एवं गारमेंटिंग सेक्टर में प्रदेश के युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु इस योजना की शुरुआत की गई।

इन्वेस्टमेंट MoU, LOC और इंसेंटिव का वितरण ‘यूपी टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी 2022’ के तहत राज्य में भारी निवेश आकर्षित करने और उद्योगपतियों को प्रोत्साहन देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए:

  • एलओसी और प्रोत्साहन राशि का वितरण: नीति के तहत पात्र उद्यमियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (LOC) और वित्तीय प्रोत्साहन राशि (Financial Incentives) का वितरण किया गया।

  • निवेश के नए MoU: उत्तर प्रदेश में कपड़ा उद्योग की नई इकाइयां स्थापित करने और निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए कई बड़े उद्योग समूहों के साथ एमओयू (MoU) का आदान-प्रदान किया गया।

निवेश, रोजगार और वैश्विक पहचान का नया संकल्प इस दो दिवसीय कॉन्क्लेव से उत्तर प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद जताई गई है:

  • विरासत को पहचान: प्रदेश के पारंपरिक वस्त्र शिल्प (जैसे बनारसी साड़ी, भदोही कालीन, लखनऊ की चिकनकारी) को वैश्विक स्तर पर ब्रांडिंग और बाजार मिलेगा।

  • रोजगार और निर्यात में वृद्धि: बड़े पैमाने पर होने वाले निवेश से प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और राज्य के निर्यात में भारी वृद्धि होगी।

कार्यक्रम के अंत में सभी लाभार्थियों और बुनकर भाइयों को बधाई देते हुए उत्तर प्रदेश को टेक्सटाइल क्षेत्र में आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प दोहराया गया।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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