18 जुलाई को ओटीटी पर तीसरी बेगम

रियल लाइफ दर्द से जन्मी ‘तीसरी बेगम’, 18 जुलाई से ओटीटी पर सुनाएगी एक अनकही सच्चाई

मुंबई: हिंदी सिनेमा के एक सफल और दिग्गज फिल्मकार की पहचान सिर्फ मनोरंजन से नहीं, बल्कि उन कहानियों से होती है जो समाज को सोचने पर मजबूर कर दें। इसी सोच को बड़े पर्दे के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने जा रहे हैं दिग्गज निर्माता-निर्देशक के. सी. बोकाडिया। उनकी बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाली फिल्म ‘तीसरी बेगम’ अब 18 जुलाई से वेव्स (Wavs) ओटीटी पर रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है, जहां यह नए दर्शकों तक अपनी पहुंच बनाएगी।

एक वास्तविक घटना ने दिया फिल्म को जन्म

यह फिल्म किसी लेखक की कोरी कल्पना की उपज नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बेहद मार्मिक और वास्तविक घटना है:

  • चेहरे के दर्द ने बदला इरादा: एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान के. सी. बोकाडिया ने एक ऐसे व्यक्ति को देखा जो अपनी तीन पत्नियों के साथ खड़ा था। उस दौरान विशेष रूप से उसकी तीसरी पत्नी के चेहरे पर झलकते गहरे दर्द और लाचारी ने बोकाडिया को भीतर तक झकझोर कर रख दिया।

  • उसी पल लिखी गई कहानी: उस महिला की आंखों के दर्द को महसूस कर निर्देशक के मन में इस कहानी ने जन्म लिया। आज यह फिल्म महिला सम्मान, उनके आत्मसम्मान और सामाजिक चेतना का एक बेहद सशक्त संदेश बनकर सामने आई है।

दिग्गज अभिनेत्रियों का प्रभावशाली अभिनय

फिल्म में मुख्य किरदारों को जीवंत करने के लिए बॉलीवुड की बेहतरीन अभिनेत्रियों को चुना गया है। जरीना वहाब, मुग्धा गोडसे और कायनात अरोड़ा के प्रभावशाली और संजीदा अभिनय से सजी यह फिल्म रिश्तों की उलझी हुई जटिलताओं को बेहद करीब से दिखाती है। यह उन महिलाओं की दबी हुई भावनाओं और दर्द को आवाज देती है, जिनकी बात अक्सर समाज में अनसुनी कर दी जाती है।

सिनेमा के जरिए समाज को आईना दिखाने का प्रयास

‘तेरी मेहरबानियाँ’, ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘आज का अर्जुन’ और ‘फूल बने अंगारे’ जैसी ब्लॉकबस्टर और यादगार फिल्मों का निर्माण कर चुके के. सी. बोकाडिया ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उनके लिए सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने का एक सशक्त माध्यम है। ‘तीसरी बेगम’ इसी गंभीर सोच का एक प्रभावशाली उदाहरण है, जो अब ओटीटी पर अपनी नई और कामयाब पारी शुरू करने जा रही है।


रिपोर्ट: अनिल बेदाग (मुंबई)



(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 (एडिटर (Allrights Magazine)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: