तमिलनाडु: विजय पर विवादित टिप्पणी
तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन के विवादित बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और अमर्यादित भाषा पर बहस तेज हो गई है। इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच दोहरे मापदंड का आरोप-प्रत्यारोप छिड़ गया है।
सहानभूति और भाषा का दोहरा रवैया
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विपक्ष का आरोप: विपक्षी दलों और आलोचकों का कहना है कि जब भारतीय जनता पार्टी या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कोई आपत्तिजनक शब्द या भाषा का प्रयोग होता है, तो उसे तुरंत मुद्दा बनाकर सार्वजनिक मंचों से जनता की सहानुभूति बटोरने की कोशिश की जाती है।
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दूसरी ओर नेताओं की बयानबाजी: दूसरी तरफ, आरोप यह भी है कि खुद सत्तारूढ़ दल के कई नेता सार्वजनिक सभाओं, टीवी डिबेट्स या चुनावी रैलियों में विपक्षी नेताओं और उनके परिवारों पर कड़े और विवादित शब्द बोलने से नहीं हिचकिचाते।
मर्यादा और राजनीतिक नैतिकता पर सवाल
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय और उनकी माताजी को लेकर दिए गए बयान के बाद यह मामला और बढ़ गया है। टीवीके (TVK) और अन्य विरोधी दलों का मानना है कि राजनीति में एकतरफा नैतिकता नहीं हो सकती। यदि अपने खिलाफ बोली गई अमर्यादित भाषा गलत है, तो अपने नेताओं द्वारा दिए गए आपत्तिजनक बयानों पर भी उतनी ही कठोर कार्रवाई और जवाबदेही होनी चाहिए।
राजनीति में अपशब्द और दोहरे मापदंड
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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