लक्ष्मी नगर के स्पा सेंटरों में बड़ा फर्जीवाड़ा: बिना GST और कस्टमर रिकॉर्ड के चल रहा गैर-कानूनी खेल
“सैलून-स्पा की आड़ में गैर-कानूनी खेल: ना जीएसटी, ना बिलिंग, ना ग्राहक रिकॉर्ड… नियमों को ठेंगा दिखा रहे लक्ष्मी नगर के स्पा सेंटर”
नई दिल्ली (लक्ष्मी नगर): राजधानी दिल्ली के पॉश और घने व्यावसायिक इलाकों में शामिल लक्ष्मी नगर (B-28 मौर्या कॉम्प्लेक्स व आसपास के क्षेत्र) में स्पा और वेलनेस सेंटरों का कारोबार सिर्फ अनैतिक गतिविधियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह बड़े पैमाने पर कर चोरी (GST Evasion) और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का भी गढ़ बन चुका है।
गुरुग्राम के ‘सैफायर 90 मॉल’ में 18 स्पा सेंटरों पर पुलिस की छापेमारी के बाद अब दिल्ली के लक्ष्मी नगर क्षेत्र में सैलून के लाइसेंस पर चल रहे ‘औरम’ (Auram) और ‘ओरी स्माइल एन स्पा’ (Orry Smile N Spa) जैसे सेंटरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का आरोप है कि ये केंद्र बिना किसी वित्तीय व कानूनी जवाबदेही के सरेआम गैर-कानूनी तरीके से संचालित हो रहे हैं।
1. बिना GST के नकद लेन-देन और टैक्स चोरी का बड़ा खेल
लक्ष्मी नगर इलाके में संचालित अधिकतर स्पा सेंटरों में वित्तीय नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं:
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GST की भारी चोरी: ग्राहकों से मोटी रकम (2,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक) वसूलने के बावजूद इन्हें बिना किसी पक्के जीएसटी (GST) बिल के सीधे नकद (Cash) या निजी क्यूआर कोड (Personal UPI) के माध्यम से लिया जाता है।
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फर्जी नाम से बिलिंग: यदि कोई ग्राहक बिल की मांग करता भी है, तो उसे स्पा के नाम का बिल न देकर किसी फर्जी फर्म या सामान्य सैलून के नाम का पर्चा थमा दिया जाता है। इसका सीधा मकसद व्यापार की असली कमाई को कागजों में छिपाना और जीएसटी विभाग को चूना लगाना है।
2. ग्राहकों का ‘नो-रिकॉर्ड’ खेल: सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा
प्रशासनिक नियमों के अनुसार, हर स्पा या मसाज सेंटर को आने-जाने वाले ग्राहकों का पूरा विवरण (नाम, फोन नंबर, आधार/आईडी कार्ड की प्रति और एंट्री-एग्जिट टाइम) रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य है। लेकिन लक्ष्मी नगर के इन सेंटरों में नियम पूरी तरह गायब हैं:
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रजिस्टर में कोई प्रविष्टि नहीं: किसी भी ग्राहक की पहचान या आईडी कार्ड का वेरिफिकेशन नहीं किया जाता।
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अपराधियों को पनाह मिलने की आशंका: बिना रिकॉर्ड के अनजान लोगों की आवाजाही से क्षेत्र में असामाजिक तत्वों और संदिग्ध अपराधियों को छिपने का आसान जरिया मिल रहा है, जो स्थानीय निवासियों और महिला सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
3. ‘सैलून लाइसेंस’ की आड़ में स्पा का अवैध धंधा
एमसीडी (MCD) के नियमों के अनुसार, स्पा सेंटर चलाने के लिए सख्त हेल्थ ट्रेड लाइसेंस, फायर एनओसी और पुलिस वेरिफिकेशन की आवश्यकता होती है। लेकिन लक्ष्मी नगर में प्रशासन की नाक के नीचे:
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सैलून के लाइसेंस पर स्पा: साधारण ब्यूटी सैलून का लाइसेंस लेकर अंदर गुप्त केबिन बनाकर अवैध स्पा सेंटर चलाए जा रहे हैं।
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सीसीटीवी और डीवीआर से छेड़छाड़: सुरक्षा के नाम पर लगे कैमरों का या तो डीवीआर बंद रखा जाता है या उनकी दिशा ऐसी रखी जाती है जिससे अंदर की गतिविधियों का पता न चल सके।
4. एमसीडी, दिल्ली पुलिस और जीएसटी विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन और पुलिस सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे बैठा है। अगर गुरुग्राम पुलिस 100 पुलिसकर्मियों के साथ 18 स्पा सेंटरों पर एक साथ रेड मारकर 50 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर सकती है, तो दिल्ली पुलिस और दिल्ली नगर निगम (MCD) लक्ष्मी नगर के इन चर्चित स्पा सेंटरों पर कार्रवाई करने से क्यों कतरा रही है?
स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI), दिल्ली पुलिस साइबर व क्राइम ब्रांच तथा MCD से मांग की है कि इन स्पा सेंटरों के खातों, जीएसटी रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस और सीसीटीवी डीवीआर की तत्काल फॉरेंसिक जांच की जाए।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ जनहित और कानून-व्यवस्था से जुड़े इस मुद्दे पर लगातार अपनी खोजी रिपोर्ट प्रकाशित करती रहेगी।
