रेणू भाटिया ने महिला आयोग से दिया इस्तीफा
हरियाणा: एक विवादित बयान और चली गई कुर्सी, रेणू भाटिया के इस्तीफे के पीछे की इनसाइड स्टोरी
(कुरुक्षेत्र/चंडीगढ़): हरियाणा की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है [cite: हरियाणा: एक विवादित बयान और चली गई कुर्सी, रेणू भाटिया के इस्तीफे के पीछे की इनसाइड स्टोरी, By Digital Desk, Edited By: Prince Sharma, Updated: Wed, 10 Jun 2026 11:46 AM (IST)]। हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया को मंगलवार देर रात अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है [cite: रेणू भाटिया ने हरियाणा महिला आयोग चेयरपर्सन पद से इस्तीफा दिया, उन्हें मंगलवार रात को इस्तीफा देना पड़ा।]। एक सरकारी निरीक्षण के दौरान नर्सिंग स्टाफ पर की गई उनकी बेहद विवादित टिप्पणी और उसके बाद देश भर में भड़के तीखे विरोध प्रदर्शनों ने उनके साढ़े चार साल के कार्यकाल पर अचानक विराम लगा दिया [cite: हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया ने नर्सिंग स्टाफ पर विवादित टिप्पणी के बाद इस्तीफा दिया।, नर्सिंग स्टाफ पर विवादित टिप्पणी के बाद देशभर में विरोध, कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में जुड़े नाबालिग से दुष्कर्म मामले में रविवार को निरीक्षण के दौरान नर्सिंग स्टाफ पर की गई विवादित टिप्पणी और नर्सिंग स्टाफ की एकजुटता भरे प्रदर्शन ने हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया के साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल पर विराम लगा दिया।]।
सूत्रों का दावा है कि सरकार पहले से ही उन्हें इस पद से मुक्त करने का मन बना चुकी थी, और इस ताजा विवाद के खड़े होते ही उन्हें तत्काल इस्तीफा देने के निर्देश जारी कर दिए गए।
विवाद की शुरुआत: एलएनजेपी अस्पताल का वो निरीक्षण
यह पूरा विवाद कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल से शुरू हुआ:
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नाबालिग से दुष्कर्म का मामला: अस्पताल में भर्ती एक नाबालिग से दुष्कर्म मामले को लेकर रविवार को रेणू भाटिया वहां औचक निरीक्षण करने पहुंची थीं।
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नर्सिंग स्टाफ पर विवादित टिप्पणी: निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां मौजूद नर्सिंग स्टाफ पर कुछ ऐसी आपत्तिजनक और विवादित टिप्पणियां कीं, जिससे मेडिकल एसोसिएशन भड़क उठा [cite: हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया ने नर्सिंग स्टाफ पर विवादित टिप्पणी के बाद इस्तीफा दिया।, कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में जुड़े नाबालिग से दुष्कर्म मामले में रविवार को निरीक्षण के दौरान नर्सिंग स्टाफ पर की गई विवादित टिप्पणी…]।
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देशव्यापी विरोध प्रदर्शन: इस बयान के विरोध में नर्सिंग स्टाफ ने एकजुटता दिखाते हुए अस्पताल परिसरों में जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह विरोध देशव्यापी हो गया, जिससे राज्य सरकार बैकफुट पर आ गई [cite: नर्सिंग स्टाफ पर विवादित टिप्पणी के बाद देशभर में विरोध, …नर्सिंग स्टाफ की एकजुटता भरे प्रदर्शन ने हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया के साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल पर विराम लगा दिया।]।
सवालों के घेरे में साढ़े चार साल का कार्यकाल
इस विवाद ने न केवल रेणू भाटिया की कुर्सी छीनी, बल्कि उनके लंबे समय से चल रहे कार्यकाल की वैधानिकता पर भी बड़े गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
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3 साल की कानूनी समयसीमा: ‘हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम 2012’ के मौजूदा कानूनी प्रावधानों के मुताबिक, आयोग की चेयरपर्सन का कार्यकाल किसी भी परिस्थिति में तीन वर्ष से अधिक का नहीं हो सकता है।
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नियमों की अनदेखी: आश्चर्यजनक रूप से रेणू भाटिया पिछले साढ़े चार वर्षों से इस पद पर लगातार बनी हुई थीं।
जनवरी 2025 में ही खत्म हो चुका था कार्यकाल
अंदरूनी प्रशासनिक दस्तावेजों और नियमों की पड़ताल करें तो रेणू भाटिया का राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन के तौर पर कानूनी कार्यकाल पिछले वर्ष यानी जनवरी 2025 में ही पूरी तरह समाप्त हो चुका था [cite: …रेनू भाटिया का राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन के तौर पर कार्यकाल नियमानुसार पिछले वर्ष जनवरी, 2025 में ही पूरा हो चुका था।]। इसके बाद भी उन्हें पद पर बनाए रखना पहले से ही विवादों में था।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को इस प्रशासनिक चूक का भली-भांति अंदाजा था, इसलिए नर्सिंग स्टाफ के इस बड़े विवाद को एक सही मौके (Opportunity) के रूप में देखा गया और बिना किसी देरी के उनसे तुरंत इस्तीफा लिखवा लिया गया। इस इस्तीफे के बाद अब हरियाणा सरकार जल्द ही महिला आयोग के नए पुनर्गठन और नई चेयरपर्सन के नाम की घोषणा कर सकती है।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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