शेखपुरा: छात्रों का मार्च, सौंपा ज्ञापन
बिहार: प्रशासन की पहल से शांत हुआ शेखपुरा में छात्रों का विरोध मार्च, राष्ट्रपति को सौंपा 12-सूत्री मांग-पत्र
शिक्षा व्यवस्था में बड़े पैमाने पर सुधार की मांग को लेकर शनिवार को शेखपुरा जिले में छात्र-छात्राओं और युवा संगठनों ने एक विशाल विरोध मार्च निकाला। अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) और इंकलाबी नौजवान सभा (RYA) के संयुक्त आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और आम नागरिक सड़कों पर उतरे।
प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट (समाहरणालय) परिसर की ओर बढ़ रहे थे।
प्रशासन की त्वरित पहल: अधिकारियों ने संवाद से संभाली स्थिति
मार्च की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तुरंत हरकत में आया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए अनुमंडल अधिकारी (SDO) सुश्री प्रियंका कुमारी और अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे छात्रों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने छात्रों को समझाते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात और विरोध दर्ज कराने का सबसे प्रभावी और संवैधानिक तरीका ज्ञापन सौंपना और वार्ता करना है।
प्रशासन के इस सकारात्मक और संवेदनशील रुख के बाद प्रदर्शनकारी छात्र शांत हुए और विरोध रैली को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त करने पर सहमत हो गए।
महामहिम राष्ट्रपति के नाम सौंपा 12-सूत्री मांग-पत्र
प्रशासनिक आश्वासन के बाद छात्र प्रतिनिधियों के एक शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी (DM) के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम 12-सूत्री मांग-पत्र सौंपा।
मांग-पत्र सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से:
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मो० इरफान खान (आइसा नेता)
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शिकांत कुमार (सामाजिक कार्यकर्ता)
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प्रवीण सिंह कुशवाहा (RYA नेता)
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कमलेश मांझी
अनुमंडल अधिकारी और अनुमंडल पुलिस अधिकारी की इस त्वरित व समझदारी भरी पहल की आम नागरिकों और छात्र नेताओं ने काफी सराहना की, जिससे बिना किसी टकराव के छात्रों की आवाज संवैधानिक तरीके से शीर्ष स्तर तक पहुंच सकी।
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
ALL rights magazine (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)
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