शेखपुरा डीएम का घाटकुसुम्भा दौरा
बिहार: मानसून से पहले अलर्ट मोड में शेखपुरा प्रशासन; डीएम ने घाटकुसुम्भा में बाढ़ तैयारियों का लिया जायजा
आगामी मानसून और संभावित बाढ़ की चुनौतियों से निपटने के लिए शेखपुरा जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी शेखर आनंद ने गुरुवार को जिले के सबसे संवेदनशील प्रखंड घाटकुसुम्भा का सघन दौरा कर सुरक्षा इंतजामों और आपदा प्रबंधन की रणनीतियों की समीक्षा की।
बाढ़ की विभीषिका और ग्रामीणों की मांग
घाटकुसुम्भा क्षेत्र हर साल हरोहर नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण जलमग्न हो जाता है। निरीक्षण के दौरान:
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आवागमन और खेती: ग्रामीणों ने डीएम को अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि जलजमाव के कारण महीनों तक यातायात और कृषि कार्य ठप हो जाते हैं।
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घोषणा की मांग: स्थानीय लोगों ने क्षेत्र को औपचारिक रूप से ‘बाढ़ग्रस्त’ घोषित करने की मांग की, ताकि उन्हें सरकारी राहत और मुआवजा योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
डीएम के कड़े निर्देश: ‘बाढ़ का इंतजार न करें’
जिलाधिकारी शेखर आनंद ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि आपदा आने के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले ही तैयारी मुकम्मल होनी चाहिए। उन्होंने निम्नलिखित निर्देश दिए:
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तटबंधों की मजबूती: नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों की पहचान कर तटबंधों की मरम्मत और घेराबंदी का काम तुरंत शुरू करें।
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शरण स्थल और रसोई: जलभराव की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए ऊंचे स्थानों पर शरण स्थल और सामुदायिक रसोई (Community Kitchen) के लिए स्थान चिह्नित करें।
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आवश्यक रसद: नावों की उपलब्धता, शुद्ध पेयजल, जीवन रक्षक दवाइयां और पशु चारे का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करें।
रिस्पॉन्स टाइम पर जोर
डीएम ने अधिकारियों से कहा, “हमारी प्राथमिकता हर नागरिक के जान-माल की सुरक्षा है। आपदा के समय प्रशासन का रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम होना चाहिए, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय (Coordination) से काम करें।”
उपस्थिति: भ्रमण के दौरान अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त (DDC), अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचलाधिकारी (CO) और बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंता मुख्य रूप से मौजूद रहे।
(रिपोर्ट: उमेश कुमार, शेखपुरा)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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