सावरकर के आदर्श से बनेगा श्रेष्ठ भारत
बिहार: वीर सावरकर के आदर्शों से बनेगा श्रेष्ठ भारत, राज्य में होगा रिसर्च—सीएम सम्राट चौधरी; हर प्रखंड में खुलेंगे ‘सरस्वती विद्या निकेतन’
रिपोर्ट: पीयूष कुमार प्रियदर्शी (बिहार)
(पटना/बिहार): बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वतंत्रता सेनानी वीर विनायक दामोदर सावरकर की 143वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम में शिरकत की। बिहार विधान परिषद उप भवन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘वीर सावरकर की जीवनी’ नामक पुस्तक का विधिवत लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने देश और राज्य के विकास को लेकर कई बड़े ऐलान किए और साफ कहा कि सावरकर के राष्ट्रवाद और आदर्शों पर चलकर ही भारत को श्रेष्ठ और बिहार को समृद्ध बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के संबोधन की 5 बड़ी बातें:
1. वीर सावरकर का राष्ट्र को योगदान: मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर आज देश के लिए गुमनाम नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र का हर बच्चा उनके महान बलिदान और संघर्ष से भली-भांति वाकिफ है। उन्होंने अपने जीवन के 27 साल जेल की सलाखों के पीछे गुजारे, जिसमें अंडमान की सेल्युलर जेल में उन्हें सबसे ज्यादा अमानवीय कष्ट दिए गए। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हीं से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण के कार्य में जुटे हैं।
2. बिहार में सावरकर पर होगा रिसर्च: युवाओं को राष्ट्रवाद की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सीएम ने घोषणा की कि बिहार में वीर सावरकर के विचारों और उनके जीवन पर विशेष रिसर्च (अनुसंधान) कराया जाएगा। इसकी एक पूरी रूपरेखा तैयार की जाएगी ताकि सूबे के नौजवान उनसे देशप्रेम की प्रेरणा ले सकें। हम ‘नेशन फर्स्ट’ (राष्ट्र प्रथम) की नीति पर चलने वाले लोग हैं और इसी सोच से बिहार आगे बढ़ेगा।
3. हर प्रखंड में खुलेंगे ‘सरस्वती विद्या निकेतन’: बिहार के शिक्षा मॉडल को नया आयाम देने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा प्रशासनिक ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बिहार के सभी 534 प्रखंडों (ब्लॉक्स) में मॉडल स्कूल के रूप में ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ खोले जाएंगे। हमारा लक्ष्य नालंदा और विक्रमशिला के प्राचीन गौरव को पुनर्स्थापित कर बिहार को फिर से वैश्विक स्तर पर शिक्षा का मुख्य केंद्र बनाना है।

4. भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार—”बेऊर जेल का गेट खुला है”: भ्रष्टाचारियों को कड़ा संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि बिहार में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शॉर्टकट अपनाकर या गलत तरीके से धनार्जन करने वाले लोगों के लिए पटना की बेऊर जेल का गेट हमेशा खुला है। ऐसे लोग सीधे सलाखों के पीछे भेजे जाएंगे।
5. बिहारियों को यहीं मिलेगा रोजगार, सरकारी कर्मियों को बिहार भ्रमण: स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नीतिगत फैसला लिया है कि अब 50 करोड़ रुपये तक के सरकारी कॉन्ट्रैक्ट (ठेके) केवल बिहार के मूल निवासियों को ही दिए जाएंगे। जो नौजवान रोजगार के लिए राज्य से बाहर चले गए हैं, उन्हें वापस लाकर यहीं काम के अवसर दिए जाएंगे। इसके साथ ही, अब सरकारी कर्मचारी स्टडी टूर के नाम पर विदेश नहीं, बल्कि बिहार के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करेंगे।
श्रद्धांजलि और ऑडियो-विजुअल क्लिप का प्रदर्शन
पुस्तक लोकार्पण से पूर्व मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीर सावरकर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के दौरान देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी और वर्तमान पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा अलग-अलग समय पर वीर सावरकर को दी गई ऐतिहासिक श्रद्धांजलि की एक विशेष ऑडियो-विजुअल (AV) क्लिप भी प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत में सांसद शिवेश कुमार ने मुख्यमंत्री का बुके देकर स्वागत किया।
समारोह में उपस्थित रहे कई गणमान्य
इस ऐतिहासिक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में बिहार की राजनीति और विचार जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। इनमें मुख्य रूप से बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, सांसद भीम सिंह, विधायक मुरारी पासवान और विधान परिषद सदस्य (MLC) निवेदिता सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि व सावरकर की विचारधारा के समर्थक उपस्थित थे। ‘वीर सावरकर की जीवनी’ पुस्तक के लेखक द्वय अजय कुमार सिन्हा और संजय कुमार सिन्हा ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार जताया।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

शेखपुरा में खुले 2 अक्षर लर्निंग सेंटर!
