शेखपुरा में कृषि टास्क फोर्स बैठक

बिहार: कृषि विकास को गति देने के लिए शेखपुरा डीएम गंभीर, टास्क फोर्स बैठक में दिए कई कड़े निर्देश

रिपोर्ट: उमेश कुमार

शेखपुरा, बिहार: जिले में कृषि व्यवस्था को सुदृढ़ करने और किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से मंगलवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। यह समीक्षा बैठक जिला कृषि टास्क फोर्स के तहत जिला पदाधिकारी (DM) श्री शेखर आनंद की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कृषि, सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य एवं गव्य विकास से जुड़ी सभी सरकारी योजनाओं की बिंदुवार व गहन समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट लहजे में निर्देशित किया कि सभी लंबित योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए।

खाद की कालाबाजारी पर कड़े एक्शन के निर्देश

जिलाधिकारी श्री शेखर आनंद ने बैठक में किसानों से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर विशेष जोर दिया और अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश जारी किए:

  • समय पर इनपुट और बीज वितरण: किसानों को समय पर कृषि इनपुट उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले के सभी योग्य किसानों के बीच शत-प्रतिशत उत्तम बीजों का वितरण सुनिश्चित किया जाए।

  • किसान सम्मान निधि व खाद की उपलब्धता: कोई भी पात्र किसान सम्मान निधि के लाभ से वंचित न रहे। इसके साथ ही किसानों को बिना किसी परेशानी के उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराई जाए।

  • जमाखोरी पर गिरेगी गाज: खाद की कालाबाजारी, ओवररेटिंग और अवैध जमाखोरी करने वाले असामाजिक तत्वों और दुकानदारों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए बनेगी DPR

सिंचाई की समस्याओं को दूर करने के लिए जिलाधिकारी ने पारंपरिक और आधुनिक दोनों प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा:

  • आहर-पइन का जीर्णोद्धार: जिले में जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आहर-पइन के जीर्णोद्धार कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।

  • नलकूपों का निर्माण: जिले के 29 बंद या जर्जर नलकूपों के जीर्णोद्धार एवं नए निर्माण के लिए जल्द से जल्द विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का आदेश दिया गया है।

वैज्ञानिक खेती और भंडारण पर जोर

सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ किसानों के खातों तक पहुंचाने के लिए जिलाधिकारी ने शत-प्रतिशत किसान पंजीकरण (Farmers Registration) सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा:

  1. मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card): इसके माध्यम से किसानों को खेतों की मिट्टी की जांच कराकर वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

  2. प्याज भंडारण गृह: जिले के प्याज उत्पादक किसानों को फसल के उचित दाम मिल सकें, इसके लिए प्याज भंडारण गृह (Storage House) के निर्माण हेतु अविलंब डीपीआर (DPR) तैयार करने का निर्देश दिया।

  3. पशुपालन विकास: पशुपालन विभाग को मवेशियों की सुविधा के लिए विभिन्न ग्रामीण व चिन्हित क्षेत्रों में नाद निर्माण कराने का निर्देश दिया गया।

अंत में डीएम ने जिला कृषि पदाधिकारी को स्वयं प्रखंड स्तर पर जाकर धरातल पर चल रही योजनाओं की निरंतर समीक्षा और औचक निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी।

बैठक में उपस्थिति:

इस उच्च स्तरीय बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी (BAO) सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।


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