बिहार में 30 दिन में होगा समस्याओं का समाधान

बिहार: सहयोग कार्यक्रम से 30 दिन में होगा समस्याओं का समाधान, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया शुभारंभ

रिपोर्ट: पीयूष कुमार प्रियदर्शी

पटना, बिहार: मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम हॉल में ‘राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम’ का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सचिवालय के आवेदन प्राप्ति केंद्र का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया। इसके साथ ही, देशरत्न मार्ग से लेकर आवेदन प्राप्ति केंद्र तक नवनिर्मित ‘सहयोग पथ’ का भी विधिवत उद्घाटन किया गया।

आज आयोजित इस पहले राज्य स्तरीय सहयोग शिविर में कुल 129 आवेदन दर्ज किए गए, जिनमें से 100 आवेदक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में इन सभी उपस्थित आवेदकों के मामलों का मौके पर ही त्वरित निष्पादन कर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूर्ण जनसेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रत्येक नागरिक की शिकायत का निष्पक्ष और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। आवेदन के निष्पादन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री द्वारा जारी की गई मुख्य घोषणाएं एवं निर्देश:

  1. मुख्यमंत्री सोलर योजना: सोलर योजना का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। योजना के तहत 125 यूनिट तक निःशुल्क बिजली का प्रावधान है, जबकि 126 यूनिट से अधिक उत्पादन करने पर लाभार्थियों को आर्थिक लाभ दिया जाएगा। सुदूरवर्ती और दूरस्थ गांवों को ‘सोलर विलेज’ के रूप में तेजी से विकसित किया जाएगा।

  2. पेंशन का त्वरित भुगतान: जिन पात्र लाभार्थियों को अब तक पेंशन नहीं मिली है या जिनके आवेदन तकनीकी कारणों से लंबित हैं, उनका शीघ्र निष्पादन किया जाए। आगामी माह की 10 तारीख तक सभी के खातों में पेंशन राशि अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।

  3. संवेदनशील आवेदन प्रक्रिया: दस्तावेजों की कमी या त्रुटि होने पर आवेदनों को सीधे तौर पर अस्वीकृत (रिजेक्ट) न किया जाए। आवेदक को नोटिस देकर सुधार करने का एक उचित अवसर दिया जाना चाहिए।

  4. सड़क निर्माण: बरसात का मौसम समाप्त होते ही राज्य में नई सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य में तेजी लाई जाए।

  5. 30 दिनों की समय-सीमा का लक्ष्य: सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त सभी समस्याओं का हर हाल में 30 दिन के अंदर समाधान किया जाए। अंचलाधिकारी (CO) और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) स्तर पर होने वाले निष्पादन की निगरानी सीधे अनुमंडलाधिकारी (SDO), भूमि सुधार उपसमाहर्ता (DCLR) और जिलाधिकारी (DM) करेंगे।

जनता की संतुष्टि ही सरकार का असली लक्ष्य

मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि समस्याओं के निष्पादन से जब आम जनता पूरी तरह संतुष्ट होगी, तभी इस सहयोग कार्यक्रम का असली लक्ष्य पूर्ण होगा। अब तक सहयोग शिविरों के माध्यम से लगभग 90 प्रतिशत समस्याओं का सफल समाधान किया जा चुका है। जिन आवेदकों को स्थानीय स्तर के निर्णयों पर आपत्ति है, उनकी सुविधा के लिए ही इस राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम की विशेष व्यवस्था की गई है।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति:

इस उच्च स्तरीय बैठक और शिविर में उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री श्री विजेन्द्र प्रसाद यादव, विभिन्न विभागों के मंत्रीगण, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत तथा पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री विनय कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे। इसके अलावा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM) भी सीधे जुड़े रहे।

शिविर के दौरान जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, शेखपुरा, सीवान, अररिया, भागलपुर और पश्चिम चंपारण से आए लाभार्थियों ने अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान होने पर मुख्यमंत्री के प्रति सहर्ष आभार व्यक्त किया।


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