राष्ट्रपति ने युवाओं से किया आह्वान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का युवाओं से आह्वान: ‘विकसित भारत @2047’ के लिए अपनाएं समर्पण और नैतिक मूल्य
अनंतपुर (आंध्र प्रदेश): भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने देश के युवाओं से वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प और लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरे समर्पण, ईमानदारी और मजबूत नैतिक मूल्यों के साथ हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने का बड़ा आह्वान किया है। वे आज आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University) के प्रथम ऐतिहासिक दीक्षांत समारोह (1st Convocation) को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं।
समावेशी और समृद्ध राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सर्वोपरि
दीक्षांत समारोह में मौजूद छात्र-छात्राओं और प्रबुद्ध जनों को प्रेरित करते हुए राष्ट्रपति ने देश के विकास में युवा शक्ति की महत्ता को रेखांकित किया:
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निर्णायक ऊर्जा: राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे युवाओं की ऊर्जा, उनकी अनूठी प्रतिभा और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता ही एक समावेशी, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण में सबसे निर्णायक भूमिका निभाएगी।
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लाइफ-लॉन्ग लर्निंग (निरंतर शिक्षा): वैश्विक स्तर पर हो रहे तकनीकी बदलावों का जिक्र करते हुए उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि तेजी से बदलती तकनीक के इस आधुनिक दौर में सीखने की प्रक्रिया कभी रुकनी नहीं चाहिए, बल्कि यह जीवन भर जारी रहनी चाहिए।
1268 छात्रों को मिलीं डिग्रियां, 56 मेधावी बने ‘गोल्ड मेडलिस्ट’
विश्वविद्यालय के इस पहले दीक्षांत समारोह के गौरवमयी पलों के दौरान राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया:
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कार्यक्रम में कुल 1268 स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों को उनकी शैक्षणिक डिग्रियां प्रदान की गईं।
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इसके साथ ही, अपने-अपने संकायों और विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 56 मेधावी छात्र-छात्राओं को ‘स्वर्ण पदक’ (Gold Medals) से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रपति ने सभी उपाधि धारकों और पदक विजेताओं को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें समाज और राष्ट्र कल्याण के कार्यों में बढ़-चढ़कर योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
रिपोर्ट: सोनू कुमार, पत्रकार
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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