मुंबई मैराथन: ₹60 करोड़ की चैरिटी

टाटा मुंबई मैराथन 2026: कदमों ने लिखी बदलाव की कहानी, ₹60.68 करोड़ की चैरिटी का रचा नया इतिहास

मुंबई की धड़कनों और संवेदनाओं को एक सूत्र में पिरोने वाली टाटा मुंबई मैराथन 2026 ने इस बार केवल रिकॉर्ड दौड़ ही नहीं लगाई, बल्कि ‘परोपकार’ का एक नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित किया है। आयोजन की 21वीं सफलता के उपलक्ष्य में आयोजित ‘एन ईवनिंग ऑफ ग्रेटिट्यूड’ के मंच पर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया गया।


₹60.68 करोड़ की रिकॉर्ड चैरिटी

“हर दिल मुंबई” की भावना के साथ इस मैराथन ने साबित कर दिया कि यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समाज की आत्मा का प्रतिबिंब है:

  • ऐतिहासिक आंकड़ा: इस साल मैराथन के माध्यम से कुल ₹60.68 करोड़ की रिकॉर्ड चैरिटी राशि जुटाई गई।

  • सामूहिक सहभागिता: इसमें सैकड़ों एनजीओ (NGOs), कॉर्पोरेट जगत और हजारों धावकों ने मिलकर हिस्सा लिया।

  • उद्देश्य: यह राशि समाज के वंचित वर्गों के उत्थान और विभिन्न सामाजिक कार्यों के लिए उपयोग की जाएगी।

एकजुटता और समावेशिता का संगम

इस पहल को सफल बनाने में सरकारी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और नागरिकों का अद्भुत तालमेल देखने को मिला:

  • समावेशिता: ‘एडवेंचर्स बियॉन्ड बैरियर्स फाउंडेशन’ ने इस दौड़ को समाज के हर वर्ग के लिए समावेशी बनाया।

  • सुरक्षा और नेतृत्व: मुंबई पुलिस की सतर्कता और ‘यूनाइटेड वे मुंबई’ के नेतृत्व ने इसे एक सशक्त जनआंदोलन का रूप दिया।

दिग्गजों के विचार

  • राहुल नार्वेकर: “यह आयोजन उन लोगों का उत्सव है जो समाज में वास्तविक बदलाव ला रहे हैं।”

  • छगन भुजबल: “आज यह मैराथन मुंबई की एकता और लचीलेपन का वैश्विक प्रतीक बन चुकी है।”

  • जॉर्ज ऐकारा: “लोग दौड़ने के लिए फंड नहीं जुटाते, बल्कि वे उस उद्देश्य के लिए दौड़ते हैं जिसमें वे विश्वास रखते हैं।”

बेहतर भविष्य की ओर कदम

टाटा मुंबई मैराथन ने एक बार फिर यह प्रमाणित किया है कि जब एक शहर दिल से दौड़ता है, तो वह केवल फिनिश लाइन को ही नहीं, बल्कि एक बेहतर और अधिक संवेदनशील भविष्य की सीमाओं को भी पार करता है। यह आयोजन अब उम्मीद और परिवर्तन की नई इबारत बन चुका है।


(मुंबई: अनिल बेदाग)

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

 सीनियर एडिटर (Allrights Magazin)


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: