बिहार में ग्रामीण सड़कें होंगी चौड़ी

बिहार: ग्रामीण सड़कों को चौड़ा किया जाएगा, CM ने दिए नई परियोजनाओं को प्राथमिकता के आदेश

(पटना): बिहार के ग्रामीण इलाकों में सुगम आवागमन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण और नई सड़क संपर्क (कनेक्टिविटी) परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। गुरुवार को पटना स्थित ‘संकल्प सभागार’ में ग्रामीण कार्य विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गांवों के समग्र विकास के लिए बेहतर सड़कों और पुलों का निर्माण व उनका सुचारू रखरखाव बेहद जरूरी है [cite: गुरुवार को ‘संकल्प सभागार’ में ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम ने कहा कि गांवों तक बेहतर आवागमन के लिए सड़क-पुल का निर्माण और रख-रखाव जरूरी है।]।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य दिशा-निर्देश

ग्रामीण क्षेत्रों की परिवहन व्यवस्था को बदलने के लिए बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए गए:

  • पुरानी सड़कों का सुदृढ़ीकरण और निगरानी: राज्य में पहले से निर्मित ग्रामीण सड़कों की नियमित रूप से प्रशासनिक निगरानी (अनुश्रवण) की जाएगी। आवश्यकता के अनुसार उन सड़कों के सुदृढ़ीकरण का कार्य तत्काल कराया जाएगा ताकि ग्रामीण जनता को सुरक्षित और सुगम यातायात की सुविधा मिल सके [cite: जरूरत के मुताबिक उनका सुदृढ़ीकरण कराया जाएगा ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम यातायात मिले।]।

  • बढ़ते ट्रैफिक को देख चौड़ी होंगी सड़कें: गांवों में बढ़ती आबादी और वाहनों के बढ़ते दबाव (ट्रैफिक) को ध्यान में रखते हुए अब ग्रामीण सड़कों के चौड़ीकरण (वाइडनिंग) की योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी [cite: 2. चौड़ीकरण पर जोर: बढ़ती आबादी और ट्रैफिक को देखते हुए ग्रामीण सड़कों के चौड़ीकरण की योजनाओं को प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जाएगा।]। सीएम ने रेखांकित किया कि जब ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क बेहतर होता है, तो ग्रामीणों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों तक पहुंच काफी आसान हो जाती है।

  • नए जन-उपयोगी पथों और पुलों का निर्माण: राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण और सीधे जनता के उपयोग में आने वाले नए रास्तों, पुलों और एप्रोच रोड (पहुंच पथ) का निर्माण किया जाएगा। इन नई परियोजनाओं का चयन जनहित, स्थानीय ट्रैफिक की वास्तविक आवश्यकता और क्षेत्रीय विकास के संतुलन को देखकर ही किया जाएगा।

  • क्षतिग्रस्त सड़कों की त्वरित मरम्मत: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि बाढ़ या अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त हुई ग्रामीण सड़कों की मरम्मत में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए विभाग में रखरखाव (मेंटेनेंस) की एक स्थाई और प्रभावी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।

गुणवत्ता और पारदर्शिता से समझौता नहीं

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ग्रामीण विकास का मूल मंत्र साझा करते हुए अधिकारियों को जवाबदेह बनाया:

“सभी परियोजनाओं को उच्च गुणवत्ता, पूर्ण पारदर्शिता और तय समय सीमा (समयबद्धता) के भीतर पूरा करें। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति और मजबूती देने के लिए गांवों के सड़क संपर्क को सुदृढ़ करना हमारी सरकार की मुख्य प्राथमिकता है [cite: CM ने कहा: “गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ काम पूरा करें। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सड़क संपर्क मजबूत करना जरूरी है।”।”।

— सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री (बिहार)

बैठक के दौरान ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव दिवेश सेहरा ने मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न चल रही और आगामी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट का एक विस्तृत प्रेजेंटेशन (प्रस्तुतीकरण) पेश किया।

बैठक में ये दिग्गज रहे उपस्थित:

इस अत्यंत महत्वपूर्ण नीतिगत बैठक में उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार, राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह सहित ग्रामीण कार्य विभाग के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे [cite: बैठक में मौजूद रहे: उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी।


रिपोर्ट: पीयूष कुमार प्रियदर्शी, पटना (बिहार)

(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


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