यूपी में मिशन शक्ति से बदली बेटियों की तस्वीर

योगी सरकार का ‘मिशन शक्ति’ मॉडल: बदली बेटियों की तस्वीर, बढ़ा सुरक्षा और स्वाभिमान का दायरा

विशेष सामाजिक रिपोर्ट

(लखनऊ): महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर वर्ष 2017 से पहले राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहने वाला उत्तर प्रदेश अब महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में एक नई और मजबूत पहचान बना चुका है [cite: महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर वर्ष 2017 से पहले राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहने वाला उत्तर प्रदेश अब महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है।]। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित ‘मिशन शक्ति’ अभियान ने प्रदेश में नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को न सिर्फ एक नई दिशा दी है, बल्कि इसे एक बड़े जनआंदोलन का स्वरूप भी प्रदान कर दिया है [cite: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित मिशन शक्ति अभियान ने प्रदेश में नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा दी है।, मिशन शक्ति ने उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया]। आज यह अभियान सामाजिक परिवर्तन का एक बेहद प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है [cite: आज मिशन शक्ति अभियान सामाजिक परिवर्तन और महिला सशक्तीकरण का प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है।]।

सुरक्षा के साथ आत्मविश्वास: 10 लाख से अधिक बेटियों को सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग

मिशन शक्ति के तहत बेटियों को केवल सुरक्षित माहौल ही नहीं दिया गया, बल्कि उन्हें खुद की रक्षा करने के लिए शारीरिक रूप से सक्षम भी बनाया गया है:

  • कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में ट्रेनिंग: प्रदेश के सामान्य विद्यालयों के साथ-साथ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में व्यापक स्तर पर आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए गए [cite: मिशन शक्ति के अंतर्गत प्रदेश के विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में व्यापक स्तर पर आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए गए।]।

  • जूडो-कराटे का प्रशिक्षण: अभियान के तहत 10 लाख से अधिक बालिकाओं को जूडो-कराटे और सेल्फ डिफेंस (आत्मरक्षा) की विशेष ट्रेनिंग दी गई, जिसने छात्राओं के भीतर एक नया सुरक्षा बोध और आत्मविश्वास पैदा किया है।

  • हेल्पलाइन और साइबर सुरक्षा की जानकारी: सरकार द्वारा चलाए गए अभियानों के माध्यम से महिला हेल्पलाइन सेवाओं, साइबर सुरक्षा के तौर-तरीकों, महिला अधिकारों और कानूनी संरक्षण की जानकारी को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया गया है [cite: महिला सुरक्षा को लेकर सरकार द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियानों ने हेल्पलाइन सेवाओं, साइबर सुरक्षा, महिला अधिकारों और कानूनी संरक्षण संबंधी जानकारी को जन-जन तक पहुंचाया।]।

नेतृत्व क्षमता को उड़ान: ‘एक दिन की अधिकारी’ बनीं 89 हजार से अधिक बालिकाएं

योगी सरकार ने बेटियों के भीतर प्रशासनिक और नेतृत्व क्षमता (Leadership Skills) विकसित करने के लिए एक बेहद अनूठी और दूरदर्शी पहल की है:

  • प्रशासनिक जिम्मेदारियों का अनुभव: ‘एक दिन की अधिकारी’ कार्यक्रम के माध्यम से राज्य की 89 हजार से अधिक बालिकाओं को सीधे प्रशासनिक कुर्सियों पर बैठकर काम करने और फैसले लेने का व्यावहारिक अनुभव कराया गया।

  • कार्य-प्रणाली की समझ: विद्यालय, ब्लॉक, तहसील से लेकर जिला स्तर तक अधिकारियों की भूमिका निभाकर इन छात्राओं ने शासन और प्रशासन की जटिल कार्य-प्रणाली को जमीन पर समझा [cite: विद्यालय, ब्लॉक, तहसील और जिला स्तर पर अधिकारियों की भूमिका निभाकर छात्राओं ने शासन-प्रशासन की कार्य-प्रणाली को समझा और नेतृत्व कौशल विकसित किया।]। यह अभिनव प्रयोग बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें सच करने का हौसला दे रहा है।

नुक्कड़ नाटक और मीना मंच से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार

जागरूकता को सामाजिक विमर्श का हिस्सा बनाने के लिए जमीनी स्तर पर कई सांस्कृतिक और संवादमूलक कार्यक्रम आयोजित किए गए:

  • व्यापक सहभागिता: मिशन शक्ति के अंतर्गत मीना मंच, मीना दिवस, जनसंवाद, रैलियों और नुक्कड़ नाटकों के जरिए सशक्तीकरण के संदेश को फैलाया गया [cite: मिशन शक्ति के अंतर्गत आयोजित मीना मंच, मीना दिवस, जनसंवाद, रैलियों और नुक्कड़ नाटकों ने महिला सशक्तीकरण के संदेश को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया।]।

  • कुरीतियों के खिलाफ जंग: लाखों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को एक साथ जोड़कर लैंगिक समानता (Gender Equality), बाल विवाह निषेध, महिला अधिकार और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध एक व्यापक जनजागरूकता का माहौल तैयार किया गया है [cite: लाखों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों की सहभागिता ने बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान को सामाजिक विमर्श का महत्वपूर्ण विषय बनाया।, इन कार्यक्रमों के माध्यम से लैंगिक समानता, बाल विवाह निषेध, महिला अधिकार, साइबर सुरक्षा और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता पैदा हुई है।]।

डिजिटल साक्षरता और बैंक भ्रमण से बेटियों के बढ़ते कदम

मिशन शक्ति ने महिलाओं को केवल सामाजिक रूप से ही नहीं, बल्कि आर्थिक और तकनीकी रूप से भी आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है:

  • तकनीकी व वित्तीय ज्ञान: हजारों बालिकाओं को डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों से जोड़कर उन्हें आधुनिक तकनीक, डिजिटल गैजेट्स और आर्थिक प्रबंधन की बारीकियों से रूबरू कराया गया।

  • बैंकिंग की समझ: छात्राओं को सीधे बैंकों का भ्रमण कराया गया ताकि वे बचत, बैंकिंग प्रक्रियाओं और अपने जीवन से जुड़े वित्तीय निर्णय खुद लेने में सक्षम बन सकें। इसके साथ ही कौशल विकास और स्वरोजगार की विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर महिलाओं को उद्यमिता की ओर अग्रसर किया जा रहा है [cite: इसके साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता से जोड़ने के प्रयासों ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ाया है।]।

बदली सामाजिक सोच: खेल से लेकर विज्ञान तक नए कीर्तिमान

इस मिशन का सबसे बड़ा और सुखद प्रभाव यह रहा कि उत्तर प्रदेश में बेटियों को लेकर परिवारों और समुदायों के पारंपरिक दृष्टिकोण और सामाजिक सोच में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है [cite: मिशन शक्ति का सबसे बड़ा प्रभाव सामाजिक सोच में आए परिवर्तन के रूप में दिखाई दे रहा है।, परिवारों और समुदायों में बालिकाओं को लेकर दृष्टिकोण में बदलाव आया है…]। महिला सुरक्षा को लेकर योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति (Zero Tolerance Policy) ने महिलाओं के मन में एक मजबूत सुरक्षा कवच का अहसास कराया है। इसी का परिणाम है कि आज यूपी की बेटियां शिक्षा, खेल, प्रशासन, विज्ञान, सेना और उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर राज्य का नाम रोशन कर रही हैं [cite: आज प्रदेश की बेटियां शिक्षा, खेल, प्रशासन, विज्ञान और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहीं हैं।]।


(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


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