MCD भ्रष्टाचार: ₹5 लाख वसूली का आरोप
एमसीडी भ्रष्टाचार एपिसोड 3: स्पा सेंटर और दुकानों से वसूली के आरोपों पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी
नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर ‘एमसीडी भ्रष्टाचार’ (MCD Corruption) सीरीज का एक नया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया क्रिएटर और एक्टिविस्ट देवेंद्र बसोया द्वारा पोस्ट किए गए इस वीडियो (एपिसोड नंबर 3) ने पूर्वी दिल्ली और एमसीडी प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।
हाल ही में लक्ष्मी नगर और शकरपुर इलाके में अवैध स्पा सेंटर्स पर हुई दिल्ली पुलिस की बड़ी छापेमारी के बाद इस वीडियो के सामने आने से स्थानीय स्तर पर कई तरह के गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
वीडियो में उठाए गए मुख्य मुद्दे और बड़े आरोप
देवेंद्र बसोया ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से ‘MCD भ्रष्टाचार – एपिसोड 3’ शीर्षक के साथ एक ऑडियो-वीडियो क्लिप साझा की है, जिसमें दो मुख्य वित्तीय अनियमितताओं और कथित अवैध वसूली का दावा किया गया है:
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स्पा सेंटर से ₹5 लाख की अवैध उगाही?: वीडियो में सवाल उठाया गया है कि क्या राजधानी में चल रहे स्पा सेंटर्स से प्रति माह या प्रति केस ₹5 लाख रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है? यह मुद्दा इसलिए भी गंभीर हो गया है क्योंकि हाल ही में शकरपुर पुलिस ने स्पा की आड़ में चल रहे एक बड़े सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया था।
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MCD शॉप्स से ₹4 लाख का खेल?: इसके साथ ही वीडियो में दिल्ली नगर निगम (MCD) के अंतर्गत आने वाली दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से भी प्रशासनिक मिलीभगत के जरिए ₹4 लाख रुपये की कथित रिश्वत या हेरफेर के आरोप लगाए गए हैं।
सोशल मीडिया पर ‘विवाद’ और राजनीतिक बहस तेज
इस पोस्ट के साथ क्रिएटर ने कई महत्वपूर्ण हैशटैग्स का उपयोग किया है, जिसके बाद कमेंट सेक्शन में दिल्ली की स्थानीय राजनीति को लेकर बहस छिड़ गई है:
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राजनीतिक दलों पर निशाना: पोस्ट में भाजपा (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) दोनों के हैशटैग का इस्तेमाल किया गया है, जिसके बाद दोनों दलों के समर्थक कमेंट बॉक्स में एक-दूसरे के खिलाफ निगम में भ्रष्टाचार को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
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स्थानीय निवासियों की चिंता: पूर्वी दिल्ली (विशेषकर लक्ष्मी नगर, शकरपुर और निर्माण विहार) के स्थानीय निवासियों और आरडब्ल्यूए (RWA) के सदस्यों ने इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कमर्शियल क्षेत्रों में अवैध स्पा और आवासीय संपत्तियों में व्यावसायिक गतिविधियों के बढ़ने के पीछे कहीं न कहीं जमीनी स्तर पर प्रशासनिक ढिलाई और भ्रष्टाचार जिम्मेदार है।
इस वायरल क्लिप के बाद अब देखना यह होगा कि क्या दिल्ली नगर निगम (MCD) के उच्च अधिकारी इन कथित आरोपों पर संज्ञान लेते हुए लक्ष्मी नगर और शकरपुर जोन के संबंधित विभागों के खिलाफ कोई आंतरिक जांच या सख्त कदम उठाते हैं।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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